संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Morena मध्य प्रदेश पैक्स (PAX) सहकारिता कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को संघ के पदाधिकारियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 25 मार्च 2026 तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर के हजारों कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

Morena बिना वेतन काम करने को मजबूर कर्मचारी
सहकारी संस्था कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष बीएस चौहान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे कर्मचारियों ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि मुरैना जिले की लगभग 89 संस्थाओं में कार्यरत अधिकांश कर्मचारियों को पिछले 6 महीने से लेकर एक साल तक का वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उन्हें वेतन देने के बजाय जबरन ‘कमीशन बेस’ पर काम करने के लिए मजबूर कर रही है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

Morena प्रमुख 4 सूत्रीय मांगें और अल्टीमेटम
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों को रेखांकित किया है:

- बढ़ा हुआ वेतन: वर्ष 2023 में घोषित कलेक्टर दर से अतिरिक्त बढ़ा हुआ वेतन प्रतिमाह दिया जाए।
- नियमितीकरण: कनिष्ठ विक्रेताओं को नियमित विक्रेता का दर्जा दिया जाए।
- भर्ती प्रक्रिया: मुरैना जिले की संस्थाओं में 60 प्रतिशत रिक्त पदों पर भर्ती सुनिश्चित हो।
- बकाया भुगतान: पिछले कई महीनों से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए।
Morena 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की धमकी
कर्मचारी संघ ने सरकार को 25 मार्च तक का समय दिया है। संघ के नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 1 अप्रैल 2026 से मध्य प्रदेश के सभी 55 हजार पैक्स कर्मचारी काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ जाएंगे। इससे न केवल सहकारी संस्थाओं का कामकाज ठप होगा, बल्कि किसानों को मिलने वाली खाद-बीज और अन्य सुविधाओं पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
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