संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Morena : कैलारस पुलिस थाने में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर द्वारा हाई कोर्ट की महिला अधिवक्ता के साथ की गई अभद्रता का मामला अब गरमा गया है। इस घटना के विरोध में मुरैना बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) को ज्ञापन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई और उसे सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है।

थाने में पूछताछ पर भड़के सब-इंस्पेक्टर, हवालात में डालने की दी धमकी
Morena मामले की जड़ 7 फरवरी की वह घटना है, जब हाई कोर्ट की महिला अधिवक्ता अल्पना सिकरवार अपने सहयोगी अक्षय प्रताप भदौरिया के साथ कैलारस थाने पहुंची थीं। वे वहां एक 72 वर्षीय बुजुर्ग, गोपाल धाकड़ की गिरफ्तारी के संबंध में कानूनी जानकारी लेने गई थीं। आरोप है कि वहां मौजूद सब-इंस्पेक्टर मनोज यादव ने पेशेवर तरीके से जवाब देने के बजाय आपा खो दिया। उन्होंने न केवल महिला वकील के साथ अमर्यादित भाषा का उपयोग किया, बल्कि महिला कांस्टेबल बुलाकर उन्हें हवालात में बंद करने की धमकी भी दे डाली।

बार एसोसिएशन की दो टूक: ‘सम्मान से समझौता नहीं’
Morena एसपी कार्यालय में एकत्रित हुए बार एसोसिएशन के सदस्यों ने एएसपी सुरेंद्र पाल सिंह डाबर को सौंपे ज्ञापन में पुलिस के इस रवैये को बेहद निंदनीय और अलोकतांत्रिक बताया। वकीलों का कहना है कि जब एक अधिवक्ता के साथ थाने में ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी? बार एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सब-इंस्पेक्टर मनोज यादव के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज कर उन्हें बर्खास्त नहीं किया गया, तो अधिवक्ता समाज व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
प्रशासन का आश्वासन और जांच की प्रक्रिया
Morena ज्ञापन लेने के बाद एएसपी ने वकीलों को शांत कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर तथ्यों की पुष्टि की जाएगी। एएसपी ने कहा कि किसी भी पुलिसकर्मी को कानून के दायरे से बाहर जाकर दुर्व्यवहार करने की अनुमति नहीं है और जांच के बाद उचित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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