संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Morena । मौसम के बदले मिजाज और बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। महटौली तालाब के ओवरफ्लो होने से क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में सैकड़ों बीघा खेती पानी में डूब गई है। खेतों में खड़ी रबी की फसल पूरी तरह चौपट होने की कगार पर है, जिससे आक्रोशित और परेशान किसानों ने एकजुट होकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
स्वर्ण रेखा नदी और तालाब का पानी खेतों में घुसा
Morena जानकारी के अनुसार, महटौली तालाब में क्षमता से अधिक पानी भरने के साथ-साथ स्वर्ण रेखा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के निचले इलाकों और खेतों में भर गया है। इस जलभराव की चपेट में महटौली, बड़ापुरा, बरईपुरा, चक भूराडंडा, ख़ासाराम का पुरा, प्रताप पुरा, पारोली और भाकरी जैसे गांवों की जमीन आ गई है। किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल पानी में डूबने से पूरी तरह बर्बाद हो रही है।
किसानों ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
Morena फसलों के नुकसान से चिंतित दर्जनों किसान बानमोर तहसीलदार कार्यालय पहुंचे। यहाँ उन्होंने नायब तहसीलदार वंदना यादव को ज्ञापन सौंपकर अपनी व्यथा सुनाई। किसानों ने बताया कि यदि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो उनकी साल भर की मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने तालाब के गेट दुरुस्त करने और जल निकासी के मार्ग को साफ करने की मांग की है।
प्रशासनिक अमला सक्रिय: सफाई और मरम्मत के निर्देश
Morena मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार वंदना यादव ने तत्काल पटवारी के साथ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। मौके का जायजा लेने के बाद उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। तहसीलदार ने तालाब की तत्काल सफाई कराने और खराब पड़े गेट को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पानी का बहाव सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ सके और किसानों के खेतों से पानी कम हो सके।
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