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मुरादाबाद में ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल, पांच अधिकारी निलंबित | बिजली कटौती पर सख्त एक्शन

मुरादाबाद में ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल

मुरादाबाद में ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल होने की घटना ने पूरे बिजली विभाग को झकझोर दिया है। रविवार रात हुए इस मामले में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की नाराजगी के बाद बिजली निगम के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है।


⚡ ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम में 15 मिनट की बिजली कटौती बनी सजा का कारण

रविवार रात मुरादाबाद के बच्चा पार्क क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा शामिल हुए थे। जैसे ही कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, 15 मिनट तक बिजली गुल हो गई, जिससे मंत्री काफी नाराज हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पीवीवीएनएल की एमडी ईशा दुहन ने तत्काल जांच के आदेश दिए और लापरवाही के आरोप में पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया।


👨‍🔧 कौन-कौन से अधिकारी निलंबन की चपेट में आए?

इस बिजली आपूर्ति में लापरवाही के लिए जिन अधिकारियों पर गाज गिरी है, उनमें शामिल हैं:

  • मुख्य अभियंता अरविंद सिंगल
  • अधीक्षण अभियंता सुनील अग्रवाल
  • अधिशासी अभियंता प्रिंस गौतम
  • एसडीओ राणा प्रताप
  • अवर अभियंता ललित कुमार

एमडी ईशा दुहन ने सख्त लहजे में कहा कि बिजली कटौती जैसे मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।


🔦 ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ा, निगमों की आपसी तालमेल की कमी उजागर

घटना के तुरंत बाद बिजली निगम की टीम ने स्पष्टीकरण दिया कि अचानक ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ गया, जिसका कारण था ज्यादा लोड। कार्यक्रम स्थल पर 5-डी मोशन सेंटर और अन्य विद्युत उपकरणों के एक साथ चालू होने से ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक दबाव पड़ा। निगम के अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम की टीम ने बिना सूचना के सभी उपकरण एक साथ चालू कर दिए, जबकि नगर निगम का आरोप है कि विद्युत विभाग को पहले ही सतर्क रहना चाहिए था।


🔍 बिजली गुल होने पर मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया

हालांकि कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन स्पंदन सरोवर के निरीक्षण के दौरान जब उन्हें फिर से बिजली आपूर्ति ठप मिली, तो उन्होंने तत्काल एक्शन लेते हुए अपने सहायक के माध्यम से एमडी को कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद निलंबन आदेश जारी कर दिए गए।


⚠️ बिजली विभाग और नगर निगम के बीच समन्वयहीनता बनी बड़ी चूक

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिजली विभाग और नगर निगम के बीच समन्वय का घोर अभाव है। एक ओर जहां नगर निगम मंत्री के कार्यक्रम की तैयारी में जुटा था, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग कोई खास अलर्ट मोड में नजर नहीं आया।


📢 ऊर्जा मंत्री की चेतावनी: भविष्य में ऐसी चूक बर्दाश्त नहीं

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि बिजली कटौती की घटनाएं न केवल आम जनता को प्रभावित करती हैं बल्कि सरकारी कार्यों में भी बाधा डालती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में अगर कोई अधिकारी इस प्रकार की लापरवाही करता है, तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


🔚 निष्कर्ष: बिजली आपूर्ति की चूक से निकली सख्त सीख

मुरादाबाद में ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल होने की घटना एक बड़ी प्रशासनिक चूक के रूप में सामने आई है। इस घटना से यह स्पष्ट है कि ऊर्जा विभाग को अब अपने सिस्टम और तालमेल को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। आने वाले समय में इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए अधिकारियों को पहले से तैयार रहना होगा।

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