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ग्लैमर की दुनिया छोड़ अध्यात्मक की राह चल पड़ी एक और अभिनेत्री

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'Miss World Tourism India' Ishika Taneja becomes Sadhvi

2017 ‘मिस वर्ल्ड टूरिज्म इंडिया’ इशिका तनेजा बनीं साध्वी !

जबलपुर: गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ कई बड़े अवॉर्ड अपने नाम कर चुकी मिस वर्ल्ड टूरिज्म इंडिया इशिका तनेजा ने द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज से गुरू दीक्षा लेकर धर्म और अध्यात्म की राह पकड़ ली है। 2017 में ‘मिस वर्ल्ड टूरिज्म इंडिया’ का खिताब अपने नाम कर कर चुकी इशिका तनेजा को 100 वुमेन अचीवर्स ऑफ इंडिया के लिए ‘राष्ट्रपति पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया था। वे फिल्मी दुनिया में अपनी खूबसूरती के जलवे बिखेरने के लिए भी जानी जाती हैं। मिस वर्ल्ड टूरिज्म रह चुकी इशिका तनेजा ने कहा कि युवा पीढ़ी को अध्यात्म से जुड़ा जरूरी है।

'Miss World Tourism India' Ishika Taneja becomes Sadhvi
‘Miss World Tourism India’ Ishika Taneja becomes Sadhvi

इश्किा का बचपन से ही धर्म-अध्यात्म की ओर था झुकाव

इशिका तनेजा ने कहा कि गुरुजी से दीक्षा लेना चाहती थी, लेकिन उन्होंने कहा था कि वह उसे जबलपुर में गुरु दीक्षा देंगे। अभिनेत्री ने धर्म के प्रति अपने समर्पण के भाव को बताया कि उन्हें हमेशा से अध्यात्म और धर्म में रुचि रही है । हालांकि ये परिवर्तन अचानक नहीं हुआ बल्कि समय के साथ धीरे-धीरे उनकी सोच और दृष्टिकोण में बदलाव आया है। उनका मानना है कि आज के दौर में हिंदुओं का धर्म और समाज की उन्नति के लिए आगे आना अति आवश्यक हो गया है। इशिका ने कहा कि बचपन से ही उनका झुकाव धर्म की तरफ था, लेकिन उनकी व्यस्त फिल्मी और मॉडलिंग करियर ने उन्हें इस दिशा में काम करने का समय नहीं दिया। ऐसे में अब जब उन्होंने आध्यात्मिक जीवन को अपनाया है, तो वह इसे अपने जीवन का सबसे प्रसन्नता दायक निर्णय मानती हैं।

2017 में मिस वर्ल्ड टूरिज्म इंडिया का खिताब जीता था

इशिका तनेजा ने वर्ष 2017 में मिस वर्ल्ड टूरिज्म इंडिया का खिताब जीता, जिसने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई। मॉडलिंग में सफलता के बाद उन्होंने बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमाई। मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार में उनके अभिनय की खूब प्रशंसा हुई। इसके अलावा, उन्होंने वेबसीरीज हद में भी काम किया, हालांकि अपने करियर के चरम पर रहते हुए इशिका ने ग्लैमर की दुनिया को छोड़ने और आध्यात्मिक पथ पर चलने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि धर्म और समाज के लिए काम करना उनके जीवन का एक नया उद्देश्य है।

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ग्लैमर से साधना तक का सफर, अध्यात्म के रास्ते पर ये अभिनेत्रियाँ भी आईं

फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध और ग्लैमर भरी जिंदगी बहुत आकर्षक तो दिखती है, लेकिन इसमें छिपा तनाव और मन शांति की कमी कई बार एक्ट्रेस और एक्टर को धर्म और अध्यात्म की ओर मोड़ देती है। कई मशहूर अभिनेत्रियों ने अपने शानदार करियर के बावजूद आध्यात्मिक राह पकड़ कर दुनिया को चौंका दिया। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ अभिनेत्रियों के बारे में, जिन्होंने ग्लैमर की दुनिया को छोड़कर आत्मिक शांति के लिए धर्म-अध्यात्म का रास्ता चुना ।

विनोदिनी – आध्यात्मिक साध्वी बनने की प्रेरणा
पुरानी पीढ़ी की मशहूर अभिनेत्री विनोदिनी ने फिल्मी दुनिया को अलविदा कहकर अध्यात्म का रास्ता चुना था। वे अब एक आश्रम में रहकर आत्मिक शांति के लिए साधना करती हैं और समाज सेवा के कार्यों में जुटी हुई हैं।

ममता कुलकर्णी- ग्लैमर से सन्यास तक
1990 के दशक में विवादों में रहीं मशहूर अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने जब फिल्म इंडस्ट्री छोड़ी, तो सबको हैरानी हुई थी। लेकिन ग्लैमर और शोहरत की चोटी पर पहुंचने के बाद अध्यात्म की राह भी पकड़ ली थी। ममता ने धार्मिक जीवन अपनाते हुए ध्यान और भक्ति में अपना जीवन समर्पित कर दिया है। एक मामले में कानूनी कार्रवाई में घिर गई और विदेश में जा बसी थीं. हाल ही में वे वापस स्वदेश लौटी हैं।

अब साध्वी का जीवन जी रही हैं अभिनेत्री ममता कुलकर्णी

अनू अग्रवाल- जीवन का नया अध्याय
फिल्म ‘आशिकी’ से मशहूर हुई अनू अग्रवाल ने भी फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया था। एक भयानक एक्सीडेंट के बाद उन्होंने अध्यात्म का रास्ता अपना लिया है। अनू अब योग और ध्यान के माध्यम से लोगों को प्रेरित कर रही हैं।

एक्सीडेंट के बाद अनू अग्रवाल ने अध्यात्म अपनाया

जायरा वसीम- धर्म की राह पर एक नई शुरुआत
अमिर खान की मशहूर फिल्म ‘दंगल’ और ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की अभिनेत्री जायरा वसीम ने छोटी उम्र में ही बॉलीवुड को अलविदा कहकर इस्लाम की राह पकड़ ली। उन्होंने धार्मिक जीवन जीने के लिए फिल्म इंडस्ट्री को छोड़ने का निर्णय लिया था।

जायरा वसीम ने इस्लाम के लिए फिल्मी करियर छोड़ा
जायरा वसीम ने इस्लाम के लिए फिल्मी करियर छोड़ा

नफीसा अली – समाजसेवा और अध्यात्म
1976 में मिस इंडिया रही अभिनेत्री नफीसा अली ने भी धर्म और अध्यात्म की ओर रुख कर लिया था। तब से वे खुद को सामाजिक कार्यों और आध्यात्मिक जीवन में खुद को व्यस्त रखती हैं।

क्या वजह है किअभिनेत्रियां अध्यात्क का रास्ता चुनती हैं ?

तनाव और अकेलापन: ग्लैमर की दुनिया में भले ही शोहरत और पैसा मिलता हो, लेकिन इसकी वजह से तनाव, असुरक्षा और अकेलेपन का सामना करना पड़ता है।

आत्मिक शांति की खोज: जब बाहरी चमक-दमक से मन भर जाता है, तो आत्मिक संतोष की तलाश शुरू होती है।
जीवन का अर्थ समझना: कई बार कठिनाइयों और अनुभवों के बाद जीवन का गहरा अर्थ समझने की प्रेरणा मिलती है।

बॉलीवुड और हॉलीवुड या किसी भी फिल्म इंडस्ट्री में ग्लैमर की दुनिया जितनी आकर्षक दिखती है, उतनी ही जटिल भी है। धर्म और अध्यात्म का रास्ता अपनाने वाली ये अभिनेत्रियाँ इस बात का उदाहरण हैं कि आत्मिक शांति किसी भी भौतिक सुख से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। ये अभिनेत्रियाँ आज भी समाज और युवाओं को प्रेरित कर रही हैं कि जीवन में सच्चा संतोष बाहरी चमक-दमक में नहीं, बल्कि आत्मा के भीतर है।

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