रिपोर्ट, खन्ना सैनी
Mathura धर्म नगरी वृंदावन के केसी घाट पर शुक्रवार दोपहर एक भीषण जल त्रासदी घटित हुई। श्रद्धालुओं से खचाखच भरी एक निजी नाव यमुना नदी के बीच बने पंटून पुल से टकराकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 10 श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई, जबकि बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। मृतकों में पंजाब के लुधियाना और मुक्तेश्वर से आए श्रद्धालु शामिल बताए जा रहे हैं।
Mathura पंटून पुल से टकराते ही यमुना में समाई नाव
जानकारी के अनुसार, लुधियाना और मुक्तेश्वर से करीब 150 लोगों का एक बड़ा दल ब्रज दर्शन के लिए वृंदावन आया था। दोपहर के समय इनमें से करीब 25 श्रद्धालु एक निजी नाव पर सवार होकर यमुना विहार कर रहे थे। केसी घाट के पास तेज बहाव या संतुलन बिगड़ने के कारण नाव सीधे पंटून पुल से जा टकराई और देखते ही देखते नदी में पलट गई। नाव पलटते ही घाट पर हड़कंप मच गया और श्रद्धालुओं की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा।

Mathura बचाव अभियान: गोताखोरों ने 15 को निकाला सुरक्षित
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों की टीम तत्काल हरकत में आई। नदी के गहरे पानी में डूबे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गोताखोरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर 15 लोगों को जिंदा बाहर निकाला, जिनमें से एक की गंभीर स्थिति को देखते हुए संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। हालांकि, काल के गाल में समाए 10 श्रद्धालुओं को नहीं बचाया जा सका। प्रशासन अब डूबी हुई नाव की तलाश में जुटा है।
Mathura भीड़ के कारण रेस्क्यू में बाधा, जांच के घेरे में निजी नाविक
दुर्घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा होने के कारण बचाव दल को शुरुआती घंटों में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और रेस्क्यू टीम को रास्ता दें। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नाव एक निजी संचालक की थी। यह भी देखा जा रहा है कि क्या नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की जा रही है।
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