रिपोर्टर: सत्यनारायण बैरागी
Mandsaur जिले की सड़कों पर इन दिनों मौत का तांडव देखने को मिल रहा है। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हो रहे लगातार हादसों ने जिले के यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भानपुरा से लेकर सुवासरा तक, सड़कों पर बहता लहू और पिचकते वाहन अब एक डरावनी हकीकत बन गए हैं।
Mandsaur भानपुरा में जिंदा जला युवक: धू-धू कर जली बाइक
सबसे दर्दनाक हादसा भानपुरा क्षेत्र में सामने आया, जहाँ एक भीषण टक्कर के बाद मोटरसाइकिल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बाइक आग का गोला बन गई और धू-धू कर जलने लगी। इस हृदयविदारक घटना में बाइक सवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी विकराल थी कि चाहकर भी कोई पास नहीं जा सका।
Mandsaur सुवासरा और मंदसौर के पास भी बरपा कहर
हादसों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। सुवासरा के किशोरपुरा निवासी एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया, जिसमें उसकी हालत इतनी गंभीर हुई कि उसे अपना पैर गंवाना पड़ा। वहीं, मंदसौर के समीप एक बेकाबू कार ने स्कूटी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे ने एक मासूम बच्चे और महिला की जिंदगी छीन ली। एक ही झटके में हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया।
Mandsaur चिंतन की आवश्यकता: बुझ रहे घरों के चिराग
सड़कों पर हो रहे ये हादसे केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उन परिवारों की चीखें हैं जिन्होंने अपने घर का इकलौता चिराग या कमाने वाला सदस्य खो दिया है। वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी मासूमों की मौत का सबब बन रही है। अब समय आ गया है कि प्रशासन और आम जनता, दोनों इस ‘मौत की रफ्तार’ पर लगाम लगाने के लिए गंभीर चिंतन करें।





