Isa Ahmad
Malaria Outbreak: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड में Malaria Outbreak ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्राम पंचायत कंदाड़ी के आश्रित गांव खैरीपदर से सामने आई एक मार्मिक तस्वीर ने दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। एक मां अपने तेज बुखार से तपते मासूम बेटे को गोद में लेकर उफनती नदी के किनारे डोंगी का इंतजार करती नजर आई। इलाज के लिए नदी पार करने की यह मजबूरी ग्रामीणों की बेबसी बयां करती है।
Malaria Outbreak से बढ़ी मुश्किलें, नदी पार कर इलाज कराने को मजबूर ग्रामीण
Malaria Outbreak के कारण क्षेत्र के कई गांवों में बुखार और मलेरिया के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। खैरीपदर निवासी रामलाल के परिजनों ने बताया कि मरीज चार दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। छोटेबेठिया में जांच कराने पर मलेरिया की पुष्टि हुई। इलाज के बाद घर लौटते समय उफनती नदी पार करने के लिए घंटों तक डोंगी का इंतजार करना पड़ा। बरसात के मौसम में यह सफर मरीजों और उनके परिजनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में निजी अस्पतालों पर निर्भर आदिवासी परिवार
Malaria Outbreak के बीच कंदाड़ी पंचायत के खैरीपदर, आमाटोला, आलदंड, बेहिबेड़ा, कल्पर और हिदहूर सहित दर्जनों गांवों के लोग इलाज के लिए रोज नदी पार करने को मजबूर हैं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र दूर होने के कारण ग्रामीण छोटेबेठिया के निजी चिकित्सकों और मेडिकल स्टोरों से महंगा इलाज कराने को विवश हैं। आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च बड़ी परेशानी बन गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने, मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने और बरसात के दौरान सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।



