Report: Ratan Kumar
जामताड़ा/ जामताड़ा पुलिस ने हाल ही में हुए दो युवकों के अपहरण मामले का पर्दाफाश करते हुए एक अंतरजिला आपराधिक गिरोह को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह साइबर फ्रॉड में लिप्त लोगों को निशाना बनाकर उनका अपहरण करता था और उनके परिजनों से भारी रकम की मांग करता था।
मिली जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर को करमाटांड़ थाना क्षेत्र से आरिफ अंसारी और इकराम अंसारी नामक दो युवकों का अपहरण हुआ। भय के कारण प्रारंभिक समय पर परिजन शिकायत दर्ज नहीं कर सके, जिसके बाद 3 नवंबर को थाने में औपचारिक शिकायत की गई।
एसपी राजकुमार मेहता के निर्देश पर सीडीपीओ जामताड़ा की अगुवाई में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों अपहृतों को सुरक्षित मुक्त कराया। जांच में पता चला कि यह गिरोह पहले भी मधुपुर में बम ब्लास्ट और पेट्रोल पंप लूट की घटनाओं में शामिल रहा है।
पुलिस ने कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- आजाद अंसारी (मोरगोमुंडा, देवघर)
- मिस्टर अंसारी (अहिल्यापुर, गिरिडीह)
- समद अंसारी (सुबदुदीह, करमाटांड़, जामताड़ा)
- शिवलाल मरांडी (धर्मपुर गांव, नारायणपुर)
- अब्दुल हबीब (छायतर, करमाटांड़)
गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनके पास से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, अपहरण में प्रयुक्त बोलेरो वाहन (JH 04 H 6062) और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। गिरोह ने युवकों के परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। पीड़ितों को प्रताड़ित किया जा रहा था और दिन में केवल एक रोटी और प्याज दिया जाता था।
एसपी ने बताया कि यह गिरोह जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद और देवघर जिलों में सक्रिय था। कुल 16 सदस्य होने के बावजूद फिलहाल पांच को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। जामताड़ा पुलिस की तत्परता से दोनों युवकों की जान बचाई जा सकी और एक बड़े आपराधिक नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया गया।





