महावतार नरसिम्हा की दहाड़ 25 जुलाई को गूंजेगी सिनेमाघरों में, शुरू होगी भगवान विष्णु के अवतारों की महायात्रा

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
महावतार नरसिम्हा की दहाड़ 25 जुलाई को गूंजेगी सिनेमाघरों में, शुरू होगी भगवान विष्णु के अवतारों की महायात्रा

हिंदू पौराणिक कथाओं को नए रूप और भव्य तकनीक के साथ प्रस्तुत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम, महावतार नरसिम्हा अब 25 जुलाई 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। केजीएफ और कांतारा जैसी सुपरहिट फिल्मों के निर्माता होम्बाले फिल्म्स ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की रिलीज डेट और ट्रेलर लॉन्च की जानकारी साझा कर दी है।


9 जुलाई को वृंदावन से होगा ट्रेलर लॉन्च

फिल्म का ट्रेलर 9 जुलाई 2025 को शाम 5:22 बजे पवित्र नगरी वृंदावन में लॉन्च किया जाएगा। इस खास मौके की जानकारी होम्बाले फिल्म्स ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा:

“तैयार हो जाइए गर्जना के लिए। न रोके जाने वाला दिव्य प्रकोप अब जाग चुका है! #MahavatarNarsimha का ट्रेलर कल शाम 5:22 बजे होगा रिलीज़। 25 जुलाई को सिनेमाघरों में दहाड़ेगी ये फिल्म, 3D में!”\


धार्मिक महागाथा की शुरुआत

महावतार नरसिम्हा फिल्म न सिर्फ एक फिल्म है, बल्कि यह एक नए हिंदू माइथोलॉजिकल यूनिवर्स की शुरुआत है। होम्बाले फिल्म्स और कलीम प्रोडक्शंस ने भगवान विष्णु के दस अवतारों पर आधारित इस ग्रैंड एनिमेटेड फ्रैंचाइज़ी की घोषणा पहले ही कर दी थी।

इस यूनिवर्स की आने वाली फिल्में:

  • महावतार परशुराम (2027)
  • महावतार रघुनंदन (2029)
  • महावतार द्वारकाधीश (2031)
  • महावतार गोकुलानंद (2033)
  • महावतार कल्कि पार्ट 1 (2035)
  • महावतार कल्कि पार्ट 2 (2037)

निर्देशन व निर्माण टीम

  • निर्देशक: अश्विन कुमार
  • प्रोड्यूसर्स: शिल्पा धवन, कुशल देसाई, चैतन्य देसाई
  • बैनर: होम्बाले फिल्म्स और कलीम प्रोडक्शंस

इस पूरी फ्रैंचाइज़ी का मकसद भारतीय संस्कृति और धर्म की गहराइयों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है — वो भी शानदार एनीमेशन और सिनेमाई भव्यता के साथ।


फिल्म क्यों है खास?

  • पहली बार भगवान विष्णु के दस अवतारों को एक यूनिवर्स के तहत पेश किया जाएगा।
  • फिल्म को 3D में रिलीज किया जा रहा है, जिससे धार्मिक अनुभव और भी भव्य होगा।
  • ट्रेलर का शुभारंभ वृंदावन से होगा, जो धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

महावतार नरसिम्हा सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि यह भारतीय माइथोलॉजी को आधुनिक सिनेमा से जोड़ने वाला एक पवित्र प्रयास है। 25 जुलाई को जब यह फिल्म सिनेमाघरों में आएगी, तब न केवल एक कहानी देखी जाएगी, बल्कि धर्म, आस्था और शक्ति का दिव्य अनुभव महसूस किया जाएगा।