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महाराष्ट्र सरकार द्वारा मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर की स्थापना, 10 करोड़ रुपये का बजट

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मीडिया कंटेंट

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से न्यूज़ कंटेंट का विश्लेषण करने के लिए एक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस पहल के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह सेंटर विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रकाशित या प्रसारित होने वाली खबरों का संग्रह और विश्लेषण करेगा तथा तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करेगा। यह जानकारी बुधवार को जारी एक सरकारी प्रस्ताव (GR) में दी गई।

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मीडिया सेंटर की आवश्यकता क्यों पड़ी?

सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि प्रकाशनों, चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही, सरकारी योजनाओं और नीतियों से संबंधित खबरों की निगरानी करने के लिए एक संगठित प्रणाली की आवश्यकता महसूस की गई।


सेंटर का संचालन और प्रबंधन

यह मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक काम करेगा। इसका प्रबंधन सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (DGIPR) द्वारा किया जाएगा। सरकार ने इस सेंटर की स्थापना के लिए प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी प्रदान कर दी है।


पेशेवर सलाहकार की नियुक्ति

सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, सरकार से संबंधित खबरों को पीडीएफ फॉर्मेट में एकत्र करने के लिए एक पेशेवर सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। इस प्रक्रिया को ई-टेंडर के माध्यम से पूरा किया जाएगा और सलाहकार की नियुक्ति एक साल के लिए की जाएगी। खबरों को सकारात्मक या नकारात्मक, विभाग, मुद्दे, घटनाओं और व्यक्तियों के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कंटेंट के लिए, सलाहकार प्रति घंटे के आधार पर खबरों के रुझान, मूड और टोन के बारे में अलर्ट जारी करेगा। यदि सलाहकार का कार्य संतोषजनक पाया जाता है, तो DGIPR को उसकी अवधि को दो साल तक बढ़ाने का अधिकार होगा। हालांकि, यह अवधि तीन साल से अधिक नहीं होगी।


अतिरिक्त जानकारी

इस पहल के साथ ही, महाराष्ट्र सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि सरकारी योजनाओं और नीतियों से संबंधित खबरों की सटीक और त्वरित जानकारी जनता तक पहुंचे। इससे भ्रामक और नकारात्मक खबरों पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी।

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