Mahabharat Samagam 2026: भारत भवन में पहली बार “महाभारत समागम”

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Mahabharat Samagam 2026

Mahabharat Samagam 2026: सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की महागाथा का भव्य सांस्कृतिक आयोजन

रिपोर्ट- आकाश सेन

Mahabharat Samagam 2026: भोपाल, वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की महागाथा महाभारत पर केन्द्रित देश का पहला और अब तक का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन “महाभारत समागम” भोपाल के भारत भवन में 16 से 24 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह नौ दिवसीय आयोजन मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा किया जा रहा है।

Mahabharat Samagam 2026:

इस समागम में महाभारत को केवल युद्ध कथा के रूप में नहीं, बल्कि शांति, करुणा, संवाद और सभ्यतागत विवेक के महाकाव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। नाटक, नृत्य-नाट्य, लोक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियाँ, कठपुतली कार्यशालाएँ, अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल तथा इमर्सिव डोम थियेटर के माध्यम से युद्ध के विरुद्ध शांति का सशक्त संदेश दिया जाएगा।

Mahabharat Samagam 2026:

कार्यक्रम के अंतर्गत नेपथ्य, अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह एवं पताकाओं की विशेष प्रदर्शनी, महाभारत आधारित चित्र प्रदर्शनी, भारतीय कठपुतली पर केन्द्रित प्रदर्शनियाँ तथा प्रकाशनों—“सभ्यताओं की साँस” (वैश्विक कविताओं का संकलन) और “भूली बिसरी सभ्यताएँ”—का लोकार्पण भी किया जाएगा।

Mahabharat Samagam 2026:

वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि आज रूस, चीन, अमेरिका, यूक्रेन, ईरान, इराक, वेनेजुएला, क्यूबा, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और पाकिस्तान सहित पूरी दुनिया युद्ध, हिंसा और टूटती सभ्यताओं की पीड़ा से गुजर रही है। ऐसे समय में महाभारत मानवता को आत्ममंथन और शांति का मार्ग दिखाता है।

उन्होंने कहा कि महाभारत में श्रीकृष्ण के प्रयास इस बात के प्रतीक हैं कि युद्ध कभी पहली पसंद नहीं होना चाहिए। श्रीकृष्ण ने बल के बजाय संवाद, और अस्त्र के बजाय विवेक को प्राथमिकता दी। शांति-दूत बनकर हस्तिनापुर जाना और केवल पाँच गाँव माँगना इस बात का प्रमाण है कि धर्म का मार्ग त्याग और सहमति से होकर जाता है। यह संदेश आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक है।

श्रीराम तिवारी ने बताया कि महाभारत युद्ध में 185 से अधिक जनजातियाँ शामिल थीं, जो इसे केवल एक युद्ध नहीं, बल्कि अनेक सभ्यताओं की साझा गाथा बनाता है।

समागम का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में अन्य माननीय मंत्रीगण भी मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जा रहे हैं।

Mahabharat Samagam 2026: अंतर्राष्ट्रीय रंग समूहों की सहभागिता

वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की साझा विरासत को रेखांकित करने के उद्देश्य से भारत के साथ-साथ इंडोनेशिया, श्रीलंका और जापान के प्रतिष्ठित नाट्य समूह अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे।

वीर भारत न्यास के अनुसार आने वाले वर्षों में इस समागम को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया जाएगा, ताकि महाभारत का शांति, संवाद और मानवता का संदेश विश्व पटल पर और अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सके।

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