Madhya Pradesh : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित जी ने उस समय भारत की सनातन विचारधारा को वैश्विक पटल पर रखा जब पूरी दुनिया समाजवाद और साम्यवाद के प्रभाव में थी। उन्होंने देश को ‘एकात्म मानववाद’ जैसा कालजयी विचार दिया, जो आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए हमारा पथ प्रदर्शन कर रहा है।
अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उदय ही वास्तविक स्वतंत्रता
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल जी के दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका मानना था कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम होनी चाहिए। पंडित जी ने ‘अंत्योदय’ का मंत्र दिया, जिसका अर्थ है समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति का कल्याण। उनके विचारों ने शोषितों और वंचितों के जीवन में उजास लाने का मार्ग प्रशस्त किया। इसी विचारधारा को व्यावहारिक रूप देने के लिए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में केश शिल्पियों को विशेष किट भी वितरित की।

मोदी सरकार के प्रयासों में झलकता है दीनदयाल जी का दर्शन
Madhya Pradesh डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र और राज्य सरकार पंडित जी के विचारों को धरातल पर उतार रही है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘गरीब, किसान, युवा और महिला’ (GYAN) कल्याण के संकल्प में अंत्योदय की भावना निहित है। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर भारत का जो प्रभाव बढ़ रहा है, उसके पीछे वही सांस्कृतिक गौरव और सशक्त राष्ट्र निर्माण की सोच है जिसका सपना पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देखा था।
नमो वन का अवलोकन और रुद्राक्ष का पौधरोपण
Madhya Pradesh पुष्पांजलि कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री ने प्रतिमा स्थल के निकट नवनिर्मित ‘नमो वन’ का भ्रमण किया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने वहां रुद्राक्ष का पौधा रोपा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल महापौर मालती राय सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी से पंडित जी के पदचिन्हों पर चलते हुए राष्ट्र सेवा के लिए सर्वस्व समर्पित करने का आह्वान किया।





