लोकपथ 2.0 और कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क से डिजिटल व तकनीकी सशक्तिकरण
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग अपने नाम के अनुरूप जनता की सेवा और विकास के संकल्प को व्यवहार में उतार रहा है। अभियंताओं की क्षमता के आधार पर ही वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया जा सकता है। इसी दिशा में लोक निर्माण विभाग द्वारा लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण लोकपथ 2.0 का लोकार्पण किया गया। यह ऐप सड़क रखरखाव, नागरिक शिकायतों के त्वरित समाधान, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन सहायता और सड़क किनारे सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026 का विमोचन किया, जिसमें तकनीकी प्रशिक्षण के साथ प्रोजेक्ट, वित्तीय और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट को भी शामिल किया गया है।

लोक निर्माण विभाग विकास की रीढ़, इंजीनियरों की भूमिका अहम
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण केवल सड़कें और पुल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की गति और समग्र विकास की आधारशिला है। गुणवत्तापूर्ण और दूरदर्शी निर्माण से जन-जीवन सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनता है। उन्होंने विभाग द्वारा अपनाए जा रहे नवाचारों, आधुनिक तकनीक और तेज कार्यप्रणाली की सराहना की।
लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि विभाग की बनाई अधोसंरचना किसानों, छात्रों, मरीजों और उद्योगों को अवसरों से जोड़ती है। इसलिए अभियंताओं की दक्षता और निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।

प्रशिक्षण, नवाचार और विकसित भारत@2047 की तैयारी
Madhya Pradesh कार्यक्रम में पिछले दो वर्षों में विभाग द्वारा किए गए नवाचारों और सुधारों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इसमें डिजिटल समाधान, गुणवत्ता नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और नई निर्माण तकनीकों को दर्शाया गया है। लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल से अभियंताओं के लिए आधुनिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की परिकल्पना साकार हो रही है। इससे कार्यकुशलता बढ़ेगी और समयबद्ध परियोजनाएं संभव होंगी। विभाग अगले तीन वर्षों के लक्ष्यों और विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप अधोसंरचना विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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