Madhya Pradesh :ई-गवर्नेंस व्यवस्था प्रदेश में पेपरलेस कार्य प्रक्रिया, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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Madhya Pradesh

ई-गवर्नेंस और “संकल्प से समाधान अभियान”
Madhya pradesh : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक में टैबलेट लेकर ई-गवर्नेंस को और मजबूत करने का संदेश दिया। 6 जनवरी को मंत्रियों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे, जिससे ई-कैबिनेट और पेपरलेस कार्य प्रणाली को अपनाया जा सके। साथ ही “संकल्प से समाधान अभियान” 12 जनवरी से 31 मार्च तक चलाया जा रहा है, जिसमें 16 विभागों की 91 योजनाओं/सेवाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाया जाएगा। यह अभियान चार चरणों में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में संचालित होगा। जिला स्तर पर कलेक्टर और अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) इसे मॉनिटर करेंगे।

स्वच्छ जल अभियान और कृषक कल्याण वर्ष
Madhya pradesh मुख्यमंत्री ने स्वच्छ जल अभियान की भी घोषणा की, जिसमें 10 जनवरी से 28 फरवरी और 1 मार्च से 31 मार्च तक राज्य के जल शोधन यंत्र और टंकियों की सफाई की जाएगी। नागरिकों की शिकायतों के लिए 181 नंबर पर विशेष व्यवस्था है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों के हित के लिए प्रदेश में सोलर पंप, अनुसंधान केंद्र और सिंचाई रकबे में विस्तार सहित कुल 16 विभाग सक्रिय रहेंगे। इसका लक्ष्य 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई योग्य भूमि तक पहुँचाना है।

जैव विविधता, सांस्कृतिक विकास और स्टार्ट-अप प्रोत्साहन
Madhya pradesh डॉ. यादव ने असम से जंगली भैंस, गेंडे और किंग कोबरा लाने की योजना साझा की, जिससे प्रदेश की जैव विविधता और समृद्ध होगी। साथ ही चंदेरी, महेश्वरी, बाघप्रिंटिंग जैसी प्रदेश की हथकरघा कलाओं को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाने पर जोर दिया गया। स्टार्ट-अप क्षेत्र में प्रदेश में 6500 से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप हैं, जिनमें से 3100 महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं। हाल ही में म.प्र. स्टार्ट-अप समिट 2026 में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन राशि और ऋण प्रदान किया गया, साथ ही विभिन्न एमओयू भी हस्ताक्षरित किए गए। इस प्रकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ई-गवर्नेंस, किसान कल्याण, जल सुरक्षा, जैव विविधता संरक्षण और स्टार्ट-अप प्रोत्साहन सहित समग्र विकास की दिशा में मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है।

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