Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मध्यप्रदेश की भावी पीढ़ी को सुरक्षित करने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियानों की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप, राज्य में सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ ‘एचपीवी टीकाकरण’ और टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहे बच्चों के लिए ‘मिशन मधुहारी’ का शुभारंभ किया गया।

सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध सुरक्षा चक्र: 8 लाख बेटियों को लगेगा टीका
Madhya Pradesh मध्यप्रदेश सरकार ने महिलाओं में होने वाले घातक सर्वाइकल कैंसर को जड़ से मिटाने के लिए राज्यव्यापी एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
- लक्ष्य और पात्रता: इस अभियान के तहत 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की लगभग 8 लाख किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य है। यह टीका पूरी तरह निःशुल्क होगा, जबकि बाजार में इसकी कीमत करीब 4,000 रुपये है।
- टीकाकरण प्रक्रिया: अगले तीन महीनों (मार्च, अप्रैल और मई) तक चलने वाले इस अभियान में केवल एक डोज दी जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार से 7.58 लाख से अधिक वैक्सीन डोज प्राप्त हो चुके हैं।
- पंजीकरण: टीकाकरण के लिए ‘यू-विन’ (U-Win) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 104 जारी किया गया है।
‘मिशन मधुहारी’: टाइप-1 डायबिटीज पीड़ित बच्चों को मिलेगी विशेष राहत
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने बच्चों और युवाओं में बढ़ती डायबिटीज की समस्या को देखते हुए “मिशन मधुहारी” की घोषणा की है।

- साप्ताहिक क्लीनिक: प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में विशेष साप्ताहिक क्लीनिक संचालित किए जाएंगे, जहाँ इंसुलिन की जांच और विशेषज्ञों का परामर्श एक ही स्थान पर मिलेगा।
- फ्री किट वितरण: अभियान के शुभारंभ पर उपमुख्यमंत्री ने 16 जिलों के 759 किशोर-किशोरियों को निःशुल्क T1D जांच किट (ग्लूकोमीटर और स्ट्रिप्स) प्रदान की।
- उद्देश्य: टाइप-1 मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर इंसुलिन नहीं बनाता; यह मिशन ऐसे बच्चों को आजीवन उपचार और देखभाल में सहायता प्रदान करेगा।
स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार और हब-एंड-स्पोक मॉडल
Madhya Pradesh उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भोपाल के डॉ. कैलाशनाथ काटजू अस्पताल से इस अभियान को गति देते हुए राज्य की अन्य स्वास्थ्य उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
- जांच सुविधाएं: प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अब ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के तहत 85 प्रकार की जांचें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- मेडिकल कॉलेजों का जाल: सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाए ताकि उच्च स्तरीय उपचार स्थानीय स्तर पर मिल सके।
- टेलीमेडिसिन: ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को सीधे विशेषज्ञों से जोड़ने के लिए टेलीमेडिसिन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे अनावश्यक रेफरल की समस्या कम होगी।





