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Lucknow: 10 Januar:y KGMU में डॉक्टर रमीज मलिक पर धर्मांतरण और उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला

Lucknow

विशाखा कमेटी की जांच में सामने आई गंभीर बातें
Lucknow लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में हुई घटना सिर्फ धर्मांतरण की कोशिश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विश्वासघात, झूठ और मानसिक उत्पीड़न की कई परतें शामिल हैं। विशाखा कमेटी की जांच में पता चला कि आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक ने एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव में रखा और उसके साथ शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न किया।

हॉस्टल की बजाय कैंपस के बाहर रखा गया कमरा
Lucknow जांच में यह खुलासा हुआ कि दोनों रेजिडेंट डॉक्टरों को KGMU कैंपस में हॉस्टल में कमरे मिले थे, लेकिन आरोपी और पीड़िता की आपसी सहमति से हॉस्टल में रहने के बजाय कैंपस के बाहर एक कमरे में रहते थे। पीड़िता ने बताया कि जुलाई 2025 में उनकी दोस्ती शुरू हुई थी, लेकिन सितंबर में उसे पता चला कि रमीज की फरवरी 2025 में आगरा में शादी हो चुकी थी। दोस्ती खत्म करने पर आरोपी ने पीड़िता को डराना-धमकाना शुरू कर दिया।

डॉक्टर रमीज को दोषी पाया, कार्रवाई के निर्देश
Lucknow जांच में डॉ. रमीज ने कमेटी के सामने झूठ बोला और शादीशुदा होने से इनकार किया। उसकी पत्नी से भी फोन पर बात की गई। कमेटी ने आरोपी को महिला रेजिडेंट डॉक्टर के शारीरिक और मानसिक शोषण का दोषी पाया। KGMU ने डॉ. रमीज को पहले ही सस्पेंड कर रखा था। अब डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (DGME) को उसके निष्कासन की सिफारिश की गई है। पीड़िता को 20 दिन की छुट्टी, हॉस्टल में कमरा और महिला सुरक्षा प्रदान की गई है।

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