Report by: Anirudh
Bhopal: प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन ने बड़े तालाब के किनारों से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया है। पहले दिन भदभदा मस्जिद के पास बनी अवैध दुकानें और मकानों को बुलडोजर चलाकर हटाया गया। प्रशासन के अनुसार, तालाब की सीमा में आने वाले निर्माण नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए थे।
Bhopal: एफटीएल के 50 मीटर दायरे में हटेंगे अतिक्रमण
कार्रवाई तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर के दायरे में की जा रही है। National Green Tribunal के निर्देशों के अनुसार, इस क्षेत्र में बने सभी अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा। प्रशासन ने अब तक कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार के निर्माण शामिल हैं।
Bhopal: नोटिस के बाद लोगों ने खुद हटाना शुरू किया कब्जा
जिला प्रशासन पिछले दो महीनों से अतिक्रमण चिन्हित करने का काम कर रहा था। एसडीएम अर्चना शर्मा द्वारा नोटिस जारी होने के बाद कई लोगों ने स्वयं ही अपने निर्माण हटाने शुरू कर दिए। मौके पर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
Bhopal: इन क्षेत्रों में होगी चरणबद्ध कार्रवाई
प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को चरणबद्ध तरीके से करने की योजना बनाई है। इसके तहत 10 अप्रैल को हलालपुरा में चिन्हित कब्जों पर कार्रवाई होगी, जबकि 11 अप्रैल को बैरागढ़ के काशियाना बंगले के पीछे अतिक्रमण हटाए जाएंगे। 12 और 13 अप्रैल को सेवनिया गोंड क्षेत्र में सरकारी और निजी जमीन से कब्जे हटाने का अभियान चलेगा।

इसके बाद 15 और 16 अप्रैल को बैरागढ़ में मकानों और मैरिज गार्डन सहित अन्य निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी। 17 अप्रैल को हुजूर तहसील में सरकारी भूमि पर कब्जे हटाए जाएंगे, जबकि 18 और 19 अप्रैल को टीटी नगर क्षेत्र में शेष अतिक्रमण हटाए जाएंगे। 20 अप्रैल को बैरागढ़ में बचा हुआ अतिक्रमण हटाया जाएगा और 21 अप्रैल को हुजूर तहसील में अंतिम कार्रवाई की जाएगी।
टीटी नगर सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर निर्माण किए गए हैं।
Bhopal: वन विहार क्षेत्र में भी उठे सवाल
वन विहार नेशनल पार्क के पास भी सीमांकन के दौरान करीब 2.5 किलोमीटर क्षेत्र में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने की बात सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वेटलैंड नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
Bhopal: मामला NGT तक पहुंच सकता है
पर्यावरणविदों का कहना है कि यह मामला गंभीर है और इसे आगे National Green Tribunal में उठाया जा सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और सभी अवैध कब्जों को हटाया जाएगा।
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