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कोरबा: 45 हाथियों का झुंड हाईवे पर ! यातायात ठप, वन विभाग अलर्ट

Korba: A herd of 45 elephants on the highway! Traffic halted, forest department on alert

रिपोर्ट: उमेश डहरिया, by: vijay nandan

कोरबा/कटघोरा: छत्तीसगढ़ के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत नेशनल हाईवे पर गुरुवार देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 45 हाथियों का एक विशाल झुंड चोटिया के पास मुख्य मार्ग पार करता हुआ देखा गया। इस झुंड में करीब 8 बेबी एलिफेंट भी शामिल थे।

हाथियों का दल मुख्य सड़क पर काफी देर तक रुका रहा, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। इस दौरान वहां से गुजर रहे वाहन चालक और राहगीर डरे और सहमे नजर आए।

वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही और हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास करती रही।

बताया जा रहा है कि कटघोरा वनमंडल में लगभग 100 हाथियों का दल इन दिनों अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय है और लगातार विचरण कर रहा है।
इन हाथियों के कारण आसपास के गांवों में रात्रि के समय भारी नुकसान हो रहा है। कई ग्रामीणों के घर और फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।

वन विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे हुए हैं और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

हाथी हाईवे या इंसानी इलाकों में क्यों आ जाते हैं?

1. जंगलों की कटाई और आवास का संकट

  • हाथियों के पारंपरिक जंगल और कॉरिडोर (विचरण मार्ग) धीरे-धीरे काट दिए गए हैं।
  • जब उनका रास्ता बर्बाद होता है, तो वे मजबूरी में इंसानी इलाकों से होकर गुजरते हैं।

2. भोजन और पानी की तलाश

  • गर्मियों में जंगलों में जलस्रोत सूख जाते हैं, और खेतों में पकी फसलें उन्हें खाने के लिए आकर्षित करती हैं।
  • इंसानी बस्तियों में नमक या धान जैसे खाद्य पदार्थ मिलने की उम्मीद होती है।

3. वन्य गलियारों पर बना इन्फ्रास्ट्रक्चर

  • कई नेशनल हाईवे, रेलवे ट्रैक और कॉलोनियां हाथियों के पुराने रास्तों पर ही बना दिए गए हैं।
  • हाथी पीढ़ी दर पीढ़ी उन्हीं रास्तों से चलते हैं, और जब वहां अब सड़कें बन चुकी हैं, तब भी वो उन्हें पार करने की कोशिश करते हैं।

4. झुंड का प्राकृतिक व्यवहार

  • हाथी एक सामाजिक जानवर है, जो झुंड में चलता है। एक हाथी जहां जाता है, बाकी उसका पीछा करते हैं।
  • कई बार झुंड का कोई सदस्य घायल या परेशान होता है तो पूरे समूह की दिशा बदल सकती है।

5. मानव-वन्यजीव संघर्ष में बढ़ोतरी

  • जंगल सीमित होते जा रहे हैं और इंसान का दखल बढ़ता जा रहा है। इससे हाथी-मानव टकराव बढ़ता जा रहा है।

समाधान क्या हो सकते हैं?

  • हाथी गलियारों (Elephant Corridors) की सुरक्षा और बहाली।
  • हाईवे पर अंडरपास या ओवरब्रिज का निर्माण।
  • फसलों को हाथियों से बचाने के लिए सौर चालित बाड़ और सेंसर आधारित अलार्म।
  • वन विभाग की निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों की मजबूती।

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