रिपोर्ट- गौरव साहू
कटघोरा। ग्राम दुरपा की जमीन का अधिग्रहण 1999 में SECL कुशमुण्डा द्वारा किया गया था। लेकिन आज तक वहां के निवासियों को नौकरी, मुआवजा और पुनर्वास जैसी मूलभूत सुविधाएँ नहीं मिली हैं। इस असंतोष के चलते आज ग्राम दुरपा की कुछ महिलाएं SECL के एक्सल जीएम कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर धरने पर बैठ गईं।
महिलाओं की मुख्य शिकायत
महिलाओं का आरोप है कि उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन उनके बदले नौकरी किसी और को दे दी गई। उन्होंने बताया कि SECL अधिकारियों द्वारा दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद फर्जी नौकरी करने वालों को संरक्षण मिला हुआ है।
वैकल्पिक रोजगार का वादा अधूरा
SECL ने भू-वंशज महिलाओं को वैकल्पिक रोजगार देने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक यह सुविधा प्रदान नहीं की गई। महिलाओं का कहना है कि उनकी मांग पूरी न होने तक धरना जारी रहेगा।
SECL कुशमुण्डा की मनमानी
स्थानीय लोगों और धरने पर बैठी महिलाओं का आरोप है कि कुशमुण्डा कोयला खदान के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और जमीन अधिग्रहण के बाद भी भू-वंशजों के मूलभूत अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।





