BY: Yoganand Shrivastva
Indore news: रविवार को करनी सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लगभग दो घंटे तक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सुपर कॉरिडोर स्थित टीसीएस चौराहे के पास किया गया, जहाँ संगठन के सदस्य सड़क पर बैठकर धरने पर रहे। इस दौरान क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।जानकारी के अनुसार, करनी सेना 21 दिसंबर को हरदा में प्रस्तावित जन क्रांति न्याय आंदोलन यात्रा की तैयारी के तहत इंदौर में रैली निकाल रही थी। रविवार को संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता टीसीएस चौराहे से विजय नगर की ओर रैली निकालने के लिए रवाना हुए थे।
रैली को रोके जाने पर बढ़ा विवाद
करनी सेना प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का हवाला देकर प्रशासन ने उनकी रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया। उन्होंने बताया कि पहले केवल आधे घंटे रुकने को कहा गया, लेकिन बाद में रैली को लगातार रोके रखा गया। इसी से नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही धरना और प्रदर्शन शुरू कर दिया।करनी सेना के कार्यकर्ता शाम करीब 4 बजे से 6 बजे तक सुपर कॉरिडोर पर धरने पर बैठे रहे। इस दौरान संगठन की ओर से नारेबाजी भी की गई और प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जाहिर की गई।
यातायात व्यवस्था पर पड़ा असर
धरना-प्रदर्शन के कारण सुपर कॉरिडोर पर यातायात प्रभावित हो गया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर वाहनों को सर्विस रोड की ओर डायवर्ट किया। हालांकि, सर्विस रोड पर भी कुछ दोपहिया वाहनों के खड़े होने से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।धरना समाप्त होने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और वाहनों को मुख्य सड़क से भी गुजरने दिया गया। पुलिस की ओर से मौके पर तैनात बल द्वारा यातायात को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए।
पुलिस का पक्ष
इस पूरे मामले पर हीरा नगर की सहायक पुलिस आयुक्त रुबीना मिजवान ने बताया कि करनी सेना को रैली निकालने की अनुमति दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक दी गई थी। उनके अनुसार, संगठन के कार्यकर्ता निर्धारित समय से पहले ही रैली निकालने के लिए पहुंच गए थे, जिसके चलते उन्हें रोका गया।पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए रैली को तय समय पर ही निकालने की अनुमति थी। इसी कारण एहतियाती कदम उठाए गए।
प्रदर्शन के बाद हालात सामान्य
करीब दो घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद करनी सेना के कार्यकर्ता वहां से हटे, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस दौरान शहर के एक प्रमुख मार्ग पर यातायात बाधित होने से आम लोगों को असुविधा जरूर हुई।प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों के लिए तय नियमों और समय का पालन जरूरी है, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित न हो।





