पंजाब के जालंधर सिविल अस्पताल से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ICU वार्ड में ऑक्सीजन का दबाव अचानक कम होने से तीन मरीजों की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और मृतकों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
कैसे हुई घटना?
सूत्रों के मुताबिक, यह घटना रविवार रात करीब 8 बजे हुई, जब अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई बदली जा रही थी। इसी दौरान तकनीकी खराबी के कारण दबाव कम हो गया।
- ऑक्सीजन प्रेशर कम होने से मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हुई।
- अस्पताल प्रशासन ने तुरंत बैकअप सिलेंडर चालू किए।
- तकनीकी गड़बड़ी को 5–10 मिनट में ठीक कर दिया गया।
फिर भी ICU में भर्ती तीन गंभीर मरीजों की जान नहीं बच सकी।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा:
- “जांच कमेटी गठित की गई है और 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।”
- मंत्री ने दावा किया कि मौतें सीधे तौर पर ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुईं।
- उनका कहना था कि मृतकों में एक के फेफड़े ब्लॉक थे, दूसरा मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर का शिकार था और तीसरा ड्रग एडिक्ट था।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑक्सीजन सप्लाई केवल 1-2 मिनट के लिए प्रभावित हुई थी।
अस्पताल प्रशासन की सफाई
सिविल सर्जन और CMO डॉ. विनय कुमार ने कहा:
- “तकनीकी खराबी के कारण दबाव कम हुआ, लेकिन बैकअप तुरंत चालू कर दिया गया।”
- “मौतें अलग-अलग स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं, सीधी वजह ऑक्सीजन बाधा नहीं थी।”
जांच और जिम्मेदारी तय होगी
पंजाब सरकार ने चंडीगढ़ से डॉक्टरों की टीम बुलाने का निर्णय लिया है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी।
- 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट आने की संभावना है।
- सरकार ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर सिविल अस्पताल की यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर चुनौतियों को उजागर करती है। भले ही मंत्री और अस्पताल प्रशासन का कहना हो कि मौतें सीधे ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुईं, लेकिन इस हादसे ने सरकारी अस्पतालों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





