Report: Somnath mishra
Jabalpur : संस्कारधानी जबलपुर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार अकीदत और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठ धर्मगुरु मुफ्ती-ए-आजम ने मुल्क और शहर की खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ मांगी। ईद की नमाज संपन्न होने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए उन्होंने देशवासियों को त्योहार की दिली मुबारकबाद दी और समाज में कौमी एकता को मजबूत करने का एक बड़ा संदेश दिया।
Jabalpur “आजादी में सबका योगदान, शांति बनाए रखना हम सबका साझा कर्तव्य” — मुफ्ती-ए-आजम
मुफ्ती-ए-आजम ने देश के ताने-बाने और आपसी सौहार्द को लेकर बेहद महत्वपूर्ण बातें कहीं:
- साझा विरासत: उन्होंने याद दिलाया कि इस वतन को आजाद कराने में सभी कौमों और समाज के हर वर्ग ने मिलकर संघर्ष किया है। इसलिए इसकी सरजमीं पर अमन, सुकून और मोहब्बत को बरकरार रखना हम सभी का सामूहिक और नैतिक दायित्व है।
- एकजुटता पर जोर: उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे अपने बुजुर्गों की दी हुई सीख पर अमल करते हुए आपस में मिल-जुलकर रहें और किसी भी तरह के आपसी मतभेदों से दूर रहकर सामाजिक सौहार्द का अनुकरणीय उदाहरण पेश करें।
Jabalpur प्रशासनिक मुस्तैदी की सराहना, लेकिन बिजली-पानी के संकट पर जताई चिंता
प्रशासन का आभार: धर्मगुरु ने त्योहार के दौरान शहर में चाक-चौबंद सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता की खुलकर तारीफ की।
Jabalpur उठाए गए बुनियादी मुद्दे: प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना करने के साथ ही मुफ्ती-ए-आजम ने जनता से जुड़ी कुछ गंभीर व्यावहारिक समस्याओं की ओर भी ध्यानाकर्षण कराया:
- भीषण गर्मी और पेयजल संकट: उन्होंने कहा कि वर्तमान में पड़ रही अत्यधिक गर्मी के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी की किल्लत देखी जा रही है, जिसका त्वरित समाधान जरूरी है।
- बिजली कटौती से परेशानी: उन्होंने विशेष रूप से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि त्योहार के समय में भी लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इन मूलभूत समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधार किया जाए।
Jabalpur सकारात्मक पत्रकारिता के लिए मीडिया का माना आभार
मुफ्ती साहब ने समाज निर्माण और भाईचारे को बढ़ावा देने में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया की भूमिका को भी सराहा। उन्होंने कहा कि जबलपुर के पत्रकारों ने हमेशा सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता के जरिए समाज में अमन-चैन कायम करने में एक अनुकरणीय और मार्गदर्शक की भूमिका निभाई है, जो बेहद प्रशंसनीय है।





