by: vijay nandan
Indore News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में दूषित पेयजल के कारण अस्पतालों में भर्ती मरीज़ों से कुशल-क्षेम पूछी। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की तथा इलाज की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए कि सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
Indore News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और राज्य सरकार पूरी गंभीरता से मामले को देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूषित पेयजल की आपूर्ति के लिए जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और पानी की गुणवत्ता की लगातार जांच की जाए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ, दवाइयों और एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी मरीजों का इलाज सरकार के खर्च पर किया जाएगा और किसी भी परिवार को आर्थिक या चिकित्सकीय परेशानी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही, मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

Indore News: मुख्यमंत्री ने नगर निगम और जल प्रदाय विभाग के अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की। बैठक में पाइपलाइन लीकेज, सीवर के पानी के मिलावटी होने और लापरवाही के बिंदुओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जल आपूर्ति प्रणाली की तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान किया जाए।
Indore News: डॉ. मोहन यादव ने यह भी कहा कि इंदौर जैसे स्वच्छता में अग्रणी शहर में इस तरह की घटना चिंताजनक है और प्रशासन को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए।
अंत में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें, उबला हुआ या जांचा हुआ पानी ही पीएं और किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल या हेल्पलाइन से संपर्क करें। राज्य सरकार पूरी तरह से स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
Indore News: बता दें कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में आपूर्ति किए गए पेयजल में दूषित पानी मिलने से गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हो गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी में गंदगी और असामान्य दुर्गंध थी और उसे पीने के बाद लोगों को उल्टी, डायरिया और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई दिए। अभी तक कम से कम 3 लोगों की मौत पुष्टि हुई है, तथा स्थानीय लोग 7–8 मौतों का दावा कर रहे हैं। लगभग 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार होकर
प्रशासन ने इलाके के 2,703 घरों का सर्वे किया और लगभग 12,000 लोगों की चिकित्सा जांच की गई है।
Indore News:सीएम डॉ. यादव ने संज्ञान लिया, तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए
Indore News: शुरुआती जांच में पता चला कि सीवर के गंदे पानी का ड्रेनेज पीने के पानी की मुख्य पाइपलाइन में रिसाव के कारण मिला, जिससे यह त्रासदी हुई थी। ये घटना सामने आते ही मुख्यमंत्री ने इस संकट पर तुरंत संज्ञान लेते हुए. मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने, सभी बीमार लोगों का इलाज राज्य सरकार के खर्च पर नि:शुल्क किया किए जाने, स्वास्थ्य टीमों तथा प्रशासन को स्थिति को नियंत्रण में रखने एवं बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करने का निर्देश दिए।
भागीरथपुरा क्षेत्र के कामकाज के लिए ज़िम्मेदार जोनल अधिकारी और सहायक यंत्री को तुरंत निलंबित किया गया। एक प्रभारी उपयंत्री को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसे मामले की गहन जांच और जवाबदेही तय करने का काम सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य अधिकारियों को स्थिति की निगरानी और राहत कार्य तेज़ी से करने के निर्देश दिए गए हैं।





