BY: Yoganand Shrivastva
आगरा: पुलिस ने हनीट्रैप में फंसाकर लोगों से भारी रकम वसूलने वाले गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी यूपी पुलिस में तैनात सिपाही रियाजउद्दीन है, जो कानपुर नगर के रावतपुर थाने में तैनात था। इससे पहले इस गिरोह के दो सदस्य जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि दो अभी फरार हैं। सिपाही के मोबाइल में मिली चैट से पता चला कि गिरोह का अगला शिकार कानपुर का एक व्यक्ति था।
पीड़ित को ऐसे फंसाया गया
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार गिरोह ने कमला नगर क्षेत्र के एक व्यक्ति को जाल में फंसाया। 6 अक्टूबर को पीड़ित के मोबाइल पर एक मिस्ड कॉल आई। वापस कॉल करने पर एक युवती ने बातचीत शुरू कर दी और कुछ दिनों तक लगातार संपर्क बनाए रखा। बाद में उसने डिनर के लिए बुलाया। वहां उसके पेय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया गया।
कुछ दिन बाद पीड़ित को प्रवेश नाम के व्यक्ति का फोन आया, जिसने युवती के साथ दुष्कर्म के आरोप में फंसाने की धमकी दी और कथित वीडियो होने का दावा किया। समझौते के नाम पर 20 लाख रुपए की मांग की गई। गिरोह इससे पहले दो अन्य लोगों से 16 लाख रुपए वसूल चुका था। वसूली का एक ऑडियो भी सामने आया है।
फर्जी नाम से थाने में तहरीर, फिर खुला राज
जब पीड़ित ने पैसे देने से इंकार किया, तो युवती ने फर्जी नाम से थाने में रेप की शिकायत दर्ज कराई और बाद में 4 लाख रुपए लेकर समझौता करने की बात कही। लेकिन समझौता पत्र में लगाई गई आधार कार्ड की फोटो युवती से मेल नहीं खाती थी। जांच में पता चला कि युवती कई लोगों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग कर रही थी।
गैंग में सिपाही की भूमिका
पकड़ी गई युवती बीएससी पास है और बाह में अपने मामा के घर पर रह रही थी। उसका परिचय प्रविंद्र और उसके जरिए यूपी पुलिस के सिपाही रियाजउद्दीन से हुआ। रियाज खुद को पुलिस वाला बताकर गैंग को सहारा देता था। वह रेप के झूठे केस में फंसाने और पुलिसिया दबाव दिखाने में गिरोह की मदद करता था। अब तक प्रविंद्र और पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रवेश फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।





