चीन में खोजा गया नया वायरस: बैट HKU5-CoV-2, क्या यह ला सकता है एक और महामारी ?

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HKU5-CoV-2

HKU5-CoV-2: एक नया खतरा ?

चीन में हाल ही में खोजा गया एक नया बैट कोरोना वायरस, जिसका नाम HKU5-CoV-2 है, ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। कोविड-19 और HMPV के बाद, यह वायरस एक और महामारी की आशंका को जन्म दे रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक यह वायरस इंसानों में नहीं पाया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह वायरस उसी रिसेप्टर (ACE2) के जरिए कोशिकाओं में प्रवेश करता है, जिसका इस्तेमाल कोविड-19 फैलाने वाले वायरस ने किया था।


HKU5-CoV-2 क्या है?

वायरस की उत्पत्ति और विशेषताएं

HKU5-CoV-2 एक नया बैट कोरोना वायरस है, जिसे वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के शोधकर्ताओं ने चमगादड़ों में खोजा है। यह वायरस मर्बेकोवायरस (merbecovirus) समूह से संबंधित है, जिसमें मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS) पैदा करने वाला वायरस भी शामिल है। यह पहली बार हॉन्गकॉन्ग के जापानी पिपिस्ट्रेल चमगादड़ों में पाया गया था। इसकी खास बात यह है कि यह मानव शरीर में मौजूद ACE2 रिसेप्टर्स से जुड़ सकता है, जो इसे कोविड-19 वायरस से मिलता-जुलता बनाता है।

MERS से संबंध

MERS एक गंभीर बीमारी है, जिसने 2012 से मई 2024 तक विश्व भर में लगभग 2,600 लोगों को प्रभावित किया, जिसमें से 36% मरीजों की मौत हो गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इसका सबसे ज्यादा प्रभाव सऊदी अरब में देखा गया। HKU5-CoV-2 का MERS से संबंध इसे और भी खतरनाक बनाता है।


SARS-CoV-2 से समानताएं

दोनों वायरस में क्या है एकसमान?

HKU5-CoV-2 और SARS-CoV-2 (कोविड-19 का कारण) दोनों ही ACE2 रिसेप्टर्स का उपयोग करके मानव कोशिकाओं में प्रवेश करते हैं। यह समानता चिंता का कारण है। हालांकि, राहत की बात यह है कि HKU5-CoV-2 का ACE2 से जुड़ने की क्षमता SARS-CoV-2 की तुलना में काफी कम है। प्रयोगशाला परीक्षणों से पता चला है कि यह वायरस मानव कोशिकाओं और फेफड़ों के ऊतकों को संक्रमित कर सकता है, लेकिन यह इंसानों में तेजी से फैलने में सक्षम नहीं है।


क्या यह एक और महामारी का कारण बन सकता है?

वैज्ञानिकों का मत

वैज्ञानिकों ने लोगों से डरने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि हालांकि यह वायरस प्रयोगशाला में मानव कोशिकाओं को संक्रमित कर सकता है, लेकिन इसकी इंसानों में व्यापक रूप से फैलने की संभावना कोविड-19 से काफी कम है। शोधकर्ताओं के अनुसार, सभी पशुजन्य कोरोना वायरस इंसानों में नहीं फैलते। SARS और MERS जैसे वायरस, जो इंसानों में आसानी से फैल गए थे, की तुलना में HKU5-CoV-2 में वह क्षमता अभी नहीं दिखाई देती।

निगरानी की जरूरत

चीन के गुआंगझोउ लैबोरेट्री, गुआंगझोउ एकेडमी ऑफ साइंसेज, वुहान यूनिवर्सिटी और वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के विशेषज्ञों की टीम ने इस वायरस पर निरंतर निगरानी की जरूरत पर जोर दिया है। WHO ने भी मर्बेकोवायरस को महामारी तैयारियों के लिए प्राथमिकता सूची में शामिल किया है।


शोध का नेतृत्व और वैश्विक प्रतिक्रिया

“बैटवुमन” की भूमिका

इस शोध का नेतृत्व शी झेंगली ने किया, जिन्हें “बैटवुमन” के नाम से जाना जाता है। वह चमगादड़ों से संबंधित कोरोना वायरस पर अपने व्यापक शोध के लिए मशहूर हैं। इस खोज ने वैश्विक स्तर पर चर्चा छेड़ दी है, खासकर इसलिए क्योंकि यह वुहान से जुड़ी है, जहां कोविड-19 की शुरुआत हुई थी।

बाजार पर असर

इस खबर के बाद वैक्सीन निर्माता कंपनियों के शेयरों में उछाल देखा गया। मॉडर्ना के शेयर 6.6%, नोवावैक्स के 7.8%, और बायोएनटेक व फाइजर के शेयरों में भी बढ़ोतरी हुई।


भविष्य के लिए सबक

HKU5-CoV-2 की खोज ने पशुजन्य रोगों की निगरानी को और सख्त करने की जरूरत को रेखांकित किया है। हालांकि यह अभी तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे वायरस पर नजर रखना भविष्य की महामारियों को रोकने के लिए जरूरी है। कोविड-19 की उत्पत्ति अभी भी विवाद का विषय बनी हुई है, लेकिन यह नया वायरस हमें सतर्क रहने की चेतावनी देता है।

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