Report: Arvind Chouhan
Gwalior news: ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित पुलिस लाइन से एक दुखद घटना सामने आई है। थाटीपुर थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास ने अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना का क्रम
- प्राथमिक जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास शाम को ड्यूटी समाप्त कर घर लौटे थे।
- पत्नी मेघा ने दरवाजा खोलकर खाने के बारे में पूछा, जिस पर दीपक ने कपड़े बदलकर आने की बात कही।
- इसके बाद वह कमरे में चले गए और काफी देर तक बाहर नहीं आए।
- संदेह होने पर पत्नी जब कमरे के पास पहुंचीं तो दरवाजा अंदर से बंद मिला।
- आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा खोला गया, जहां दीपक छत के पंखे से फंदे पर लटके मिले।
- उन्हें तुरंत नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
परिवार की स्थिति
- घटना के समय घर में केवल दीपक श्रीवास और उनकी पत्नी ही मौजूद थीं।
- उनकी दो बेटियां, परी और पूर्वी, उस समय दादी के घर गई हुई थीं।
- घटना के बाद पत्नी मेघा सदमे में हैं और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस कार्रवाई
- सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
- शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
- पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट नहीं मिला
सीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। आत्महत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। विभागीय तनाव, पारिवारिक दबाव या अन्य कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा पहलू
जानकारी के अनुसार, दीपक श्रीवास को अपने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर पुलिस विभाग में नौकरी मिली थी। उनके पिता की ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। इस घटना को पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी क्षति बताया जा रहा है।





