- HDFC बैंक ने बचत खाते पर ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कटौती की
- नई दर 2.75% प्रति वर्ष, 12 अप्रैल 2025 से प्रभावी
- यह निजी क्षेत्र के बैंकों में सबसे कम बचत दर
- RBI की रेपो दर में कटौती के बाद यह निर्णय लिया गया
HDFC बैंक बचत खाता दरों में बदलाव
भारत के दूसरे सबसे बड़े निजी बैंक HDFC ने अपने बचत खाता धारकों के लिए ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (0.25%) की कमी की है। बैंक की वेबसाइट के अनुसार, अब बचत खातों पर न्यूनतम 2.75% की दर से ब्याज मिलेगा, जो 12 अप्रैल 2025 से लागू हो गया है।
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अन्य बैंकों की तुलना
- ICICI बैंक और Axis बैंक: 3% (50 लाख रुपये तक के शेष पर)
- SBI और PNB: 2.70% (सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक)
- Bank of Baroda: 2.75% (50 करोड़ रुपये तक के जमा पर)
इस कदम के साथ HDFC बैंक अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के करीब पहुंच गया है।
ब्याज दर कटौती के कारण
- RBI की रेपो दर में कमी: हाल ही में RBI ने लगातार दूसरी बार रेपो दर में कटौती की थी।
- नेट ब्याज मार्जिन को सुरक्षित करना: उधार दरों में गिरावट के बाद बैंकों को अपनी फंडिंग लागत कम करनी पड़ती है।
- टर्म डिपॉजिट को बढ़ावा: बचत दरों में कमी से ग्राहकों का रुझान फिक्स्ड डिपॉजिट की ओर हो सकता है।
HDFC बैंक पर प्रभाव
- बैंक की कुल जमा राशि का 34% CASA (चालू और बचत खाते) के रूप में है।
- इसमें से 69% (लगभग 6 लाख करोड़ रुपये) बचत खातों में जमा है।
- यह कदम बैंक की फंडिंग लागत को कम करने में मदद करेगा।
विशेषज्ञों की राय
ICRA के अनिल गुप्ता के अनुसार:
- “बचत खाते की दरों में कटौती से ग्राहकों का पलायन नहीं होता क्योंकि वे ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील नहीं होते।”
- “यह कदम बैंकों को तुरंत अपनी फंडिंग लागत कम करने में मदद करता है।”
निष्कर्ष
HDFC बैंक की यह रणनीतिक चाल बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और RBI की मौद्रिक नीति के अनुरूप है। हालांकि, जमाकर्ताओं के लिए यह समय अन्य निवेश विकल्पों पर विचार करने का हो सकता है।
नोट: बैंकिंग सेवाओं और ब्याज दरों में होने वाले बदलावों के लिए हमेशा आधिकारिक सूत्रों से जानकारी की पुष्टि करें।





