BY
Yoganand Shrivastava
Gwalior (मध्य प्रदेश): नगर निगम ग्वालियर की स्वच्छता एवं जल संरक्षण ब्रांड एंबेसडर सावित्री श्रीवास्तव (वाटर वूमेन) के नेतृत्व में आज 10 अप्रैल 2026 को “जल गंगा संवर्धन” अभियान के अंतर्गत एक विशेष स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऐतिहासिक सूरजकुंड परिसर में आयोजित इस श्रमदान अभियान के माध्यम से जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और उन्हें स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया गया।

Gwalior युवा शक्ति और संस्थाओं का मिला साथ
सूरजकुंड की सफाई के इस पुनीत कार्य में केआरजी कॉलेज की टीम और NSS (राष्ट्रीय सेवा योजना) के 20 वालंटियर ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही, दिप्स नीर संस्था के कर्मचारी, डॉ. अर्चना सेन और रवि नंदोतिया ने भी इस अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर परिसर की सफाई की। टीम ने मिलकर जल स्रोत के आसपास जमा गंदगी और कचरे को साफ किया, ताकि जल की शुद्धता बरकरार रहे।

Gwalior स्वच्छ जल स्रोत ही स्वस्थ समाज की नींव
अभियान के दौरान ब्रांड एंबेसडर सावित्री श्रीवास्तव ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ जल स्रोत ही एक स्वस्थ समाज की वास्तविक पहचान होते हैं। उन्होंने अपील की कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि हमारे पारंपरिक जल स्रोत सुरक्षित रहेंगे, तभी भविष्य की पीढ़ियों को पर्याप्त और शुद्ध जल मिल सकेगा।

Gwalior सफाई से परे एक व्यापक जन-जागरूकता
यह अभियान केवल कूड़ा हटाने और परिसर को चमकाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच जल के महत्व के प्रति चेतना जगाना है। “जल गंगा संवर्धन” के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि जल ही जीवन का आधार है और हमें अपने प्राकृतिक स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे। उपस्थित स्वयंसेवकों ने भविष्य में भी इस तरह के संरक्षण कार्यों से जुड़े रहने का संकल्प लिया।
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