रिपोर्टर: विष्णु गौतम
दुर्ग जिले में “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की जा रही बड़ी साइबर ठगी के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान के उदयपुर से एक और आरोपी भरत कुमार मेनारिया को गिरफ्तार किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब तक कुल पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
क्या है पूरा मामला?
इस साइबर ठगी का शिकार इंद्रप्रकाश कश्यप नामक व्यक्ति हुआ, जिसने भिलाई नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें एक फोन कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाला खुद को ट्राई (TRAI) का अधिकारी बताकर पेश कर रहा था। उसने बताया कि उनके आधार कार्ड का उपयोग किसी आपराधिक गतिविधि में हुआ है और जल्द ही उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जाएगा।
कॉल करने वाले ने डर और भ्रम की स्थिति पैदा करते हुए कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए किश्तों में कुल 49 लाख रुपये जमा करवाए।
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और अलग-अलग स्थानों से पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेजा। अब इस कड़ी में भरत कुमार मेनारिया का नाम सामने आया, जिसे उदयपुर से गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी भरत कुमार का खुलासा
पूछताछ में भरत कुमार ने कबूल किया कि उसने अपने बैंक खातों को साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। बदले में उसे ठगी की रकम में 20 प्रतिशत का कमीशन मिलता था। इस लालच में वह साइबर गिरोह का हिस्सा बना।
आगे की जांच जारी
एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही बैंक खातों और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटाने के लिए साइबर एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है।





