रिपोर्ट: विष्णु गौतम
दुर्ग: जिले में जमीन की गाइडलाइन दरों में भारी बढ़ोतरी के विरोध में सोमवार को रियल एस्टेट कारोबारियों और जमीन व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। काले झंडे और काले गुब्बारे लेकर सैकड़ों प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट घेराव के लिए पैदल मार्च पर निकले। व्यापारियों का आरोप है कि नई गाइडलाइन से जमीन और मकानों की रजिस्ट्री कई गुना महंगी हो गई है, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई और बाद में लाठीचार्ज किया गया।
प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क था। कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी पटेल चौक पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। कई बार समझाइश देने के बावजूद भीड़ आगे बढ़ने पर अड़ी रही। इसी दौरान अचानक भीड़ के कुछ लोगों ने पुलिस पर पानी के पाउच फेंक दिए, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। तनाव बढ़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।

घटना में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए, जिन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने 7 से 8 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है और अधिकारियों का कहना है कि संख्या बढ़ाई जा सकती है।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रियल एस्टेट कारोबारी पंकज मारकंडे ने कहा कि पिछले सात दिनों से व्यापारी शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे और प्रशासन को चक्का जाम की पूर्व सूचना भी दी गई थी। उनके अनुसार भीड़ में से किसी असामाजिक तत्व द्वारा पुलिस पर पानी फेंकने से स्थिति बिगड़ी। उन्होंने दावा किया कि यह या तो प्रशासनिक साजिश है या बाहरी अराजक तत्वों की कारस्तानी, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगों पर विचार नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
पंकज मारकंडे, रियल एस्टेट कारोबारी: दूसरी ओर, एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने कहा कि प्रदर्शनकारी बिना अनुमति के जुलूस में पहुंचे और पटेल चौक पर चक्का जाम की कोशिश की। कई बार रोकने के बावजूद जब वे नहीं माने, तब पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पानी के पाउच फेंके, जिसके कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई।

सुखनंदन राठौर, एडिशनल एसपी, दुर्ग शहर, उधर, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि कई कारोबारी प्रतिनिधि उनसे मिल चुके हैं और उनकी मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि गाइडलाइन में किसी प्रकार की कमी या सुधार आवश्यक है, तो सरकार पुनर्विचार करेगी।





