नौतनवा (महराजगंज): नौतनवा ब्लॉक के रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात कुछ संविदा चिकित्सकों द्वारा ड्यूटी समय के दौरान अस्पताल के भीतर मरीजों के बेड पर पार्टी करने का मामला सामने आया है। वायरल हो रही तस्वीरों में डॉक्टर अस्पताल के बेड पर बैठकर मांसाहारी भोजन और शराब का सेवन करते नजर आ रहे हैं।
ड्यूटी के दौरान अस्पताल में जश्न
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत कार्यरत संविदा डॉक्टरों ने अस्पताल में मरीजों के लिए निर्धारित बेड पर पार्टी की। यह घटना ड्यूटी समय में हुई, जिससे अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है।
बीजेपी नेता ने की सख्त कार्रवाई की मांग
डॉक्टरों की इस हरकत को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता जितेंद्र जायसवाल ने स्वास्थ्य मंत्री, जिलाधिकारी और सीएमओ को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि संविदा चिकित्सक डॉ. जे.पी. चौधरी, डॉ. वीरेंद्र शर्मा, डॉ. विश्वजीत राय (फिजियोथेरेपिस्ट) और जितेंद्र त्रिपाठी की ड्यूटी 24 फरवरी से 12 मार्च 2025 तक हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा केंद्रों पर स्वास्थ्य परीक्षक के रूप में लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद वे अस्पताल में जश्न मनाने में व्यस्त थे।
अस्पताल में अक्सर होती हैं पार्टियां?
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब रतनपुर सीएचसी में इस तरह की घटना हुई हो। इससे पहले भी कई बार यहां ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों के पार्टी करने की खबरें सामने आई हैं।
डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग
पत्र में उल्लेख किया गया है कि ये चिकित्सक न केवल अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरत रहे हैं बल्कि अपने आचरण से पूरे चिकित्सा पेशे को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने मरीजों के प्रति अपने उत्तरदायित्व को नजरअंदाज किया और सरकारी संस्थान में अनुशासनहीनता दिखाई।
संविदा से बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई की मांग
बीजेपी नेता जितेंद्र जायसवाल ने मांग की है कि इन मनमाने और लापरवाह डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से संविदा पद से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस घटना ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन वायरल तस्वीरों के बाद स्वास्थ्य विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

मोदी सरकार का मुकेश अंबानी पर 24,500 करोड़ का दबाव: कॉर्पोरेट और राजनीति का टकराव..यह भी पढ़े
ब्लैकमेल या बहाना? रन्या राव की सोना तस्करी ने पुलिस और परिवार को कठघरे में ला खड़ा किया





