मध्य प्रदेश पुलिस ने आपातकालीन सेवाओं को और तेज़ और प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्यभर में डायल-100 की जगह अब डायल-112 सेवा शुरू कर दी गई है। इस पहल का मकसद नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करना है।
ग्वालियर पुलिस को मिलीं 50 नई हाई-टेक गाड़ियां
ग्वालियर जिले में पुलिस को इस सेवा के लिए 50 नई गाड़ियां सौंपी गई हैं। इन गाड़ियों में स्कॉर्पियो और बोलेरो जैसे मज़बूत वाहन शामिल हैं, जिन्हें खासतौर पर फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (FRV) के तौर पर तैयार किया गया है।
गुरुवार को पुलिस लाइन ग्वालियर से इन गाड़ियों को थानों के लिए रवाना किया गया। इस मौके पर:
- आईजी अरविंद सक्सेना
- डीआईजी अमित सांघी
- एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव
ने गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
गाड़ियों में शामिल हाई-टेक सुविधाएं
इन गाड़ियों को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है, ताकि किसी भी घटना पर पुलिस की प्रतिक्रिया समय पर हो सके।
मुख्य सुविधाएं:
- GPS और डिजिटल नेविगेशन: सटीक लोकेशन ट्रैकिंग के लिए।
- लाइव लोकेशन मॉनिटरिंग: कंट्रोल रूम से गाड़ियों की रियल-टाइम लोकेशन देखी जा सकेगी।
- वायरलेस सिस्टम: तेज़ संचार के लिए।
- बॉडीवॉर्न कैमरे: पुलिसकर्मियों के लिए पहनने योग्य कैमरे, ताकि घटनाओं को रिकॉर्ड किया जा सके।
- मेडिकल इक्विपमेंट: आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद के लिए।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा का लाभ
डायल-112 सेवा से अब:
- शहरी क्षेत्रों में अपराध और दुर्घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया संभव होगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुलिस की पहुंच पहले से तेज़ और आसान होगी।
नागरिक किसी भी आपात स्थिति में सिर्फ 112 डायल करके पुलिस की सहायता ले सकते हैं।
क्यों खास है यह बदलाव?
- डायल-112 को अपनाने से पुलिस का नेटवर्क और मज़बूत होगा।
- नागरिकों को 24×7 आपात सहायता उपलब्ध होगी।
- टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी से अपराध रोकथाम में मदद मिलेगी।





