रिपोर्ट: शाहिद खान
Dewas news: मध्य प्रदेश की देवास पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। ‘ऑपरेशन साइबर’ के तहत कोतवाली पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो गरीब और मासूम लोगों के बैंक खाते खरीदकर देशव्यापी ठगी कर रहा था।
पुलिस ने इस कार्रवाई में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि मात्र तीन महीनों में 78 बैंक खातों के माध्यम से लगभग 7.5 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। आरोपियों इरशाद और आसिम ने स्थानीय लोगों को पैसों के लालच में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाते खुलवाए। बाद में ये खाते और उनकी किट (ATM, पासबुक, सिम) आरोपी अकबर और हर्ष को बेच दिए जाते थे।
गिरोह डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे Binance और Bybit के जरिए डिजिटल करेंसी खरीदकर अन्य साइबर ठगों को ऊंचे दामों पर बेचता था और ठगी की रकम तुरंत नकदी में बदलवा ली जाती थी।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व SP देवास पुनीत गेहलोत ने किया, जिसमें सायबर सेल की सक्रिय मदद शामिल रही। NCRP पोर्टल पर मिली शिकायतों की सतत मॉनिटरिंग के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक किट, सिम कार्ड और वाहन भी बरामद किए हैं।
देवास पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पैसों के लालच में किसी के कहने पर अपने बैंक खाते न खुलवाएं और अपनी पासबुक, ATM और सिम कार्ड किसी अजनबी को न सौंपें। ऐसा करने पर व्यक्ति गंभीर कानूनी मुसीबत में पड़ सकता है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्यरत है।





