फरवरी का महीना अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित रहा, लेकिन इसके बावजूद, शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई और महीने के अंत में तेजी के साथ बंद हुआ।
भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक चिंता
फरवरी के दौरान बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनावों, अमेरिकी व्हाइट हाउस में हुई गरमागरम बहस, और आर्थिक अनिश्चितताओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी थी। इस वजह से बाजार में कई बार भारी गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, आखिरी कारोबारी सत्रों में बाजार ने मजबूती दिखाई और निवेशकों में एक बार फिर आत्मविश्वास लौटा।
शेयर बाजार की मजबूती
विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी बड़ी कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन, स्थिर आर्थिक संकेतकों, और निवेशकों के सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण आई।
प्रमुख इंडेक्स में उछाल: बाजार के प्रमुख सूचकांकों ने महीने के आखिरी दिन मजबूती दिखाई और निवेशकों को राहत दी।
मजबूत कॉर्पोरेट नतीजे: कई बड़ी कंपनियों के बेहतर तिमाही परिणाम आने से बाजार को सहारा मिला।
निवेशकों का विश्वास: अस्थिरता के बावजूद, लंबी अवधि के निवेशकों ने बाजार में भरोसा बनाए रखा।
भविष्य की संभावनाएं
आगे चलकर बाजार पर अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक स्थिति, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार स्थिर रहते हैं और आर्थिक सुधार जारी रहता है, तो शेयर बाजार में अगले महीनों में और मजबूती देखने को मिल सकती है।