बिलासपुर/लोरमी।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं विधि तथा विधायी कार्य मंत्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर का अचानक दौरा किया। यह दौरा उनके लिए न सिर्फ औपचारिक रहा, बल्कि भावनात्मक और व्यक्तिगत जुड़ाव से भरा हुआ रहा। अपने वकालत के दिनों में जिन अधिवक्ताओं के साथ उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था, आज उन्हीं पुराने साथियों से स्नेहिल मुलाकात कर उन्होंने बीते दिनों की यादें ताजा कीं।
पुराने साथियों से मिलकर भावुक हुए अरुण साव
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उच्च न्यायालय परिसर पहुंचते ही वहां मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ताओं और पुराने सहकर्मियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा:
“लंबे समय बाद अपने अधिवक्ता साथियों से मिलना मेरे लिए एक भावनात्मक क्षण था। जब मैं यहां वकालत करता था, तब की अनेक यादें आज फिर से ताजा हो गईं।”
महाधिवक्ता कार्यालय में हुई विधिक चर्चा
इस मौके पर महाधिवक्ता कार्यालय में आयोजित बैठक में एडिशनल एडवोकेट जनरल और उच्च न्यायालय के अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान विधिक विषयों, न्यायिक प्रक्रियाओं, और न्यायपालिका की भूमिका जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुआ।
अरुण साव ने विधि मंत्रालय की जिम्मेदारी के तहत न्यायिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता भी जताई।
न्यायिक परिसर में दिखा अनौपचारिक और आत्मीय माहौल
सामान्यतः प्रशासनिक व्यस्तताओं में उलझे दिखने वाले उपमुख्यमंत्री आज बिल्कुल अनौपचारिक और आत्मीय मूड में नजर आए। वे पुराने साथियों के हालचाल पूछते रहे, हँसी-ठिठोली करते रहे और वकालत के संघर्ष भरे मगर सुनहरे दिनों को साझा करते दिखे।





