Delhi दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी के मंदिरों और अस्पतालों के बाहर सक्रिय एक शातिर महिला ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह की सरगना ‘पारो’ को बवाना इलाके से एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया है। पारो पिछले तीन साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रही थी और दो मामलों में उसे ‘घोषित अपराधी’ (Proclaimed Offender) करार दिया जा चुका था।
Delhi अकेली और कमजोर महिलाओं को बनाती थी निशाना
जांच में सामने आया है कि पारो और उसका गिरोह बेहद शातिराना तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। ये लोग एलएनजेपी (LNJP) जैसे बड़े अस्पतालों और प्रसिद्ध मंदिरों के पास रेकी करते थे। इनका मुख्य निशाना वे महिलाएं होती थीं जो अकेली, बुजुर्ग या किसी परेशानी में उलझी हुई दिखती थीं। गिरोह के सदस्य बातों-बातों में उनसे हमदर्दी जताते, मदद का दिखावा करते और फिर अपनी झूठी कहानियों के जाल में फंसाकर उनका भरोसा जीत लेते थे।
Delhi डर और अंधविश्वास का खेल: ‘गहने उतारो, वरना अनहोनी होगी’
भरोसा जीतने के बाद शुरू होता था असली खेल। पारो पीड़ितों को किसी बड़ी अनहोनी या दोष का डर दिखाती थी। वह महिलाओं को मानसिक रूप से इतना प्रभावित कर देती थी कि वे डर के मारे अपने सोने के गहने और कीमती सामान उतारकर उसे सौंप देती थीं। जैसे ही सामान हाथ लगता, पारो और उसके साथी मौके से रफूचक्कर हो जाते थे। अप्रैल 2023 में LNJP अस्पताल के बाहर एक महिला से इसी तरह गहने ठगे गए थे, जिसके बाद पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और अंततः पारो तक पहुँची।
Delhi बाकी साथियों की तलाश जारी, EMI ठग गिरोह भी पकड़ाया
पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) के अनुसार, पारो के खिलाफ आईपी एस्टेट और मंदिर मार्ग थानों में ठगी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर (NCR) में और कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया है।
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक अन्य बड़ी कार्रवाई में ‘Easy Recovery App’ के जरिए वाहन मालिकों से रिकवरी एजेंट बनकर ठगी करने वाले बागपत के एक गिरोह के 4 सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है।





