BY: Yoganand Shrivastva
भारत द्वारा आतंक के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में न सिर्फ दुश्मन के ठिकानों पर करारा वार किया गया, बल्कि इस मिशन में देश की महिला सैन्य अधिकारियों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं में से एक हैं भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह, जिनका नाम अब बहादुरी और नेतृत्व की मिसाल बनकर उभर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका
हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई के रूप में “ऑपरेशन सिंदूर” को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर दुश्मन के 9 आतंकी अड्डों को ध्वस्त किया। इसके बाद विंग कमांडर व्योमिका सिंह, सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता में ऑपरेशन की जानकारी दी।
विंग कमांडर व्योमिका सिंह: परिचय
व्योमिका सिंह भारतीय वायुसेना की एक कुशल और बहादुर अधिकारी हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में की और विभिन्न अभियानों में अपने नेतृत्व और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षण और शुरुआत
व्योमिका सिंह ने 18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। उन्हें 21 SSC (W) फ्लाइंग पायलट कोर्स के तहत प्रशिक्षित किया गया, जो विशेष रूप से महिला अधिकारियों के लिए तैयार किया गया शॉर्ट सर्विस कमीशन कार्यक्रम है।
हेलीकॉप्टर उड़ान का अनुभव
अपने सेवाकाल के दौरान विंग कमांडर सिंह ने चेतक हेलीकॉप्टर जैसे विमानों का संचालन किया है। चेतक हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना में बहुउद्देशीय उपयोग के लिए जाना जाता है — चाहे वो आपदा राहत अभियान हो, खोज-बचाव कार्य हो या अन्य रणनीतिक मिशन। उन्होंने अपनी सटीक उड़ान क्षमता और फैसले की दृढ़ता से अनेक बार खुद को साबित किया है।
पदोन्नति और सम्मान
18 दिसंबर 2017 को, अपने 13वें सेवा वर्ष में उन्हें विंग कमांडर के पद पर पदोन्नत किया गया। यह उनकी प्रतिबद्धता, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक है। उन्होंने न सिर्फ वायुसेना में बल्कि पूरे सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को सशक्त किया है।
विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसे अधिकारी देश की सैन्य शक्ति के वो स्तंभ हैं, जो चुपचाप और सटीक तरीके से हर चुनौती का सामना करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भागीदारी इस बात का संकेत है कि अब महिलाएं केवल सहायक भूमिका में नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका में भी देश की रक्षा पंक्ति में अग्रणी हैं।





