छत्तीसगढ़ में माओवादियों पर बड़ी चोट
भोपाल: छत्तीसगढ़ में मंगलवार सुबह एक बार फिर माओवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा के पास इंद्रावती नदी के किनारे हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में तीन नक्सलियों को ढेर कर दिया गया। ये इलाका माओवादियों का गढ़ माना जाता है, और इस ऑपरेशन से उनकी कमर पर गहरा वार हुआ है।
दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “सुबह-सुबह हुई इस मुठभेड़ में तीन माओवादी मारे गए, और उनके शव बरामद कर लिए गए हैं।” उन्होंने आगे बताया कि इलाके में अभी भी ऑपरेशन जारी है, ताकि कोई गुंजाइश न बचे।

खुफिया जानकारी ने दिखाया कमाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, खुफिया रिपोर्ट्स में कुछ कट्टर माओवादियों के इस इलाके में छिपे होने की खबर थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने सुबह तड़के ही ऑपरेशन शुरू कर दिया। सुबह 8 बजे से शुरू हुई गोलीबारी में माओवादी चारों तरफ से घिर गए। मुठभेड़ खत्म होने और सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।
हाल के दिनों में माओवादियों की हालत पतली
ये मुठभेड़ कोई इक्का-दुक्का घटना नहीं है। चार दिन पहले ही दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर 26 माओवादी मारे गए थे, और कांकेर में चार ढेर हुए थे। उस ऑपरेशन में एक जवान ने अपनी जान गंवाई, जबकि दो लोग, जिनमें एक डिप्टी SP भी शामिल था, गंभीर रूप से घायल हो गए। अच्छी खबर ये है कि अब दोनों खतरे से बाहर हैं।
IED ब्लास्ट से बाल-बाल बचे जवान
रविवार को माओवादियों ने बीजापुर में एक गाड़ी को निशाना बनाकर IED ब्लास्ट किया। गनीमत रही कि गाड़ी निकल चुकी थी, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। धमाके की चपेट में आए दो जवानों और एक ड्राइवर को हल्की चोटें आईं।
TCOC में माओवादियों की हार
माओवादियों का तथाकथित “टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन” (TCOC) इस बार उनके लिए उल्टा पड़ गया। सुरक्षाबलों की सटीक रणनीति और खुफिया तंत्र ने उनके कई ठिकानों को तबाह कर दिया। सूत्रों का कहना है कि हालिया ऑपरेशनों में मिली खुफिया जानकारी ने खेल बदला है।
ओडिशा में भी एक्शन
छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा में भी माओवादी कैंप पर छापा मारा गया, जहां से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए। सुरक्षाबल अब पूरे जोश में हैं, और माओवादियों के खिलाफ जंग तेज हो गई है।





