इंदौर अस्पताल में नवजातों की मौत पर सीएम मोहन यादव का बयान, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

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इंदौर अस्पताल में नवजातों की मौत पर सीएम मोहन यादव का बयान, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेशवासियों को डोलग्यारस की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उन्होंने राज्य के विकास और जनता की भलाई से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।


इंदौर अस्पताल घटना पर संवेदना और सख्ती

इंदौर के शासकीय अस्पताल में नवजात शिशुओं की मौत के मामले पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • घटना की उच्च स्तरीय जांच प्रमुख सचिव और स्वास्थ्य मंत्री स्तर से कराई जाएगी।
  • दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  • सरकार स्थाई समाधान सुनिश्चित करेगी ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

पीएम मित्रा पार्क से रोजगार का नया अवसर

मुख्यमंत्री ने धार जिले के बदनावर में बनने वाले पीएम मित्रा पार्क को लेकर कहा कि यह प्रोजेक्ट प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक साबित होगा।

  • इस परियोजना से 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
  • मालवा-निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसान और वस्त्र उद्योग से जुड़े व्यापारी इससे सीधा लाभ उठा सकेंगे।
  • यह पार्क 2000 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जा रहा है, जिसमें धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन और खंडवा जैसे कपास उत्पादक जिलों को सीधा फायदा होगा।

सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना को मध्यप्रदेश सरकार ने सबसे तेज गति से आगे बढ़ाया है। दुनिया भर के वस्त्र उद्यमी इस प्रोजेक्ट से जुड़ने में रुचि दिखा रहे हैं।


उद्योग और किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि

डॉ. यादव ने कहा कि यह पार्क प्रदेश में उद्योग और किसानों दोनों के लिए नई उम्मीदें लेकर आएगा।

  • कपास किसानों की आय में वृद्धि होगी।
  • स्थानीय युवाओं और मजदूरों को रोजगार मिलेगा।
  • क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों से समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे अभियान का एक अहम हिस्सा बताया और कहा कि “प्रदेश में उद्योगों का सुनहरा समय लौट रहा है।”


सीएम डॉ. मोहन यादव का इंदौर दौरा विकास योजनाओं और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक रहा। जहां एक ओर उन्होंने प्रदेश के लिए रोजगार और उद्योग का बड़ा विज़न साझा किया, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोरियों पर सख्त रुख भी अपनाया।