
बंगाल नरसंहार: कौन था गोपाल पाठा, जिसने बचाई हजारों हिंदुओं की जान
By: Abhijeet Tiwari वो दौर था 1935 से 1940 का जब भारत में आजादी की आवाज बुलंद होती जा रही थी, कई जगह अंग्रेजों के साथ झड़प तो कई जगह शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहे थे। जो बरतानिया हुकूमत की नींव हिला रही थी और लंदन में बैठे हुक्मरान भारत पर











