Edit by: Priyanshi Soni
Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि भारत में डेटा सेंटर स्थापित कर वैश्विक क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे मिलेगा। इसका उद्देश्य गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी टेक कंपनियों को भारत में बड़े निवेश के लिए प्रेरित करना है। सरकार का मानना है कि AI से पहले उसका मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना जरूरी है।
Budget 2026: डेटा सेंटर निवेश को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
बजट में डेटा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने के लिए टैक्स छूट का प्रावधान किया गया है। यह राहत उन विदेशी कंपनियों को दी जाएगी, जो भारत में स्थित डेटा सेंटर के जरिए वैश्विक ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। सरकार का मानना है कि लंबी अवधि की टैक्स छूट से बड़े निवेश निर्णय तेजी से लिए जाएंगे, जिससे भारत वैश्विक डेटा सेंटर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
Budget 2026: ग्लोबल टेक कंपनियों के लिए आकर्षक नीति, लेकिन शर्त के साथ

नई टैक्स नीति खासतौर पर गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, जो AI और क्लाउड सेवाओं के लिए विशाल डेटा सेंटर पर निर्भर हैं। हालांकि सरकार ने शर्त रखी है कि भारतीय ग्राहकों को सेवाएं देने के लिए इन कंपनियों को भारतीय रिसेलर यूनिट के माध्यम से काम करना होगा, जिससे स्थानीय बिजनेस इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी।
Budget 2026: सेफ हार्बर नियम से टैक्स विवाद होंगे कम
बजट में टैक्स पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सेफ हार्बर नियम प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत भारत स्थित यूनिट द्वारा दी जाने वाली डेटा सेंटर सेवाओं पर लागत का 15 प्रतिशत सेफ हार्बर मार्जिन तय किया जाएगा। इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों को टैक्स गणना और अनुपालन में आसानी होगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
Budget 2026: AI मॉडल से पहले मजबूत डिजिटल आधार
भारत भले ही दुनिया के सबसे बड़े AI मॉडल बनाने की दौड़ में पीछे हो, लेकिन सरकार ने पहले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। देश में डेटा सेंटर बढ़ने से लेटेंसी कम होगी और AI सेवाएं तेज होंगी। साथ ही, बॉन्डेड वेयरहाउस का उपयोग करने वाले विदेशी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट कारोबारियों के लिए भी सेफ हार्बर मार्जिन 2 प्रतिशत इनवॉइस वैल्यू तय किया गया है, जिससे ग्लोबल टेक कंपनियों को भारत में विस्तार के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
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