रिपोर्टर: नेमिचंद बंजारे
घटनाक्रम:
- सावन महीने के पवित्र सोमवार को, राजिम से सटे परतेवा गांव के शिव मंदिर में एक नाग सांप शिव-पार्वती की मूर्ति से लिपटा मिला। यह दृश्य मंदिर में मौजूद लोगों के लिए आश्चर्य और आस्था का केंद्र बन गया।
- भक्तों व ग्रामीणों की भीड़ सांप को दर्शन करने व पूजा करने मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। सांप ने अपनी फन फैलाकर स्थिर रूप से मूर्ति के पास बैठना अधिकांश लोगों द्वारा भगवान शिव की कृपा संज्ञा के रूप में देखा गया।
भक्तों की प्रतिक्रिया:
- आए हुए श्रद्धालुओं ने सांप को भगवान शिव की दिव्य लीला माना और इसे शुभ संकेत के रूप में देखा।
- सावन सोमवार को सांप दिखना धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ माना जाता है—विशेषकर शिवलिंग पर सांप का लिपटना शिव की कृपा और मनोकामना पूर्ति का संकेत होता है।
धार्मिक व ज्योतिषीय संदर्भ:
- धर्मग्रंथों और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, सावन महीना शिवभक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है।
- इस पावन माह में यदि नाग-सांप दिखाई दें, तो इसे भोलेनाथ की विशेष कृपा का चिह्न माना जाता है—यह दर्शाता है कि आपकी पूजा से भगवान शिव प्रसन्न हैं और इच्छाएं शीघ्र पूर्ण होंगी।
वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टि:
- सांपों की धार्मिक संदर्भ में उपस्थिति सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण होती है।
- अक्सर सावन में बारिश और मौसम परिवर्तन के चलते सांपों की गतिविधि बढ़ जाती है—लेकिन मंदिर परिसर में शांतिपूर्वक बने रहने वाला सांप भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव बन गया।





