Report: Sanjeev kumar
Bokaro चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पुपुनकी गांव में हुई रानी बीबी की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका को इंसाफ दिलाने और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को भारी संख्या में परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

Bokaro फरवरी 2025 में हुई थी शादी, दहेज के लिए हत्या का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि रानी बीबी की शादी फरवरी 2025 में अख्तर राजा के साथ हुई थी। निकाह के समय ₹2,00,000 नकद दहेज के रूप में दिए गए थे, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से ₹3,00,000 की अतिरिक्त मांग की जाने लगी। परिजनों का दावा है कि मांग पूरी न होने पर 3 अप्रैल की रात योजनाबद्ध तरीके से रानी बीबी की हत्या कर दी गई और उसे संदेहास्पद मौत का रूप देने की कोशिश की गई।

Bokaro पुलिस की कार्रवाई पर परिजनों ने उठाए सवाल
एसपी ऑफिस पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों का मुख्य विरोध पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर था। परिजनों का कहना है कि उन्होंने घटना के बाद दामाद अख्तर राजा, ससुर और अन्य परिजनों को पुलिस के हवाले किया था। आरोप है कि पुलिस ने केवल दामाद को जेल भेजा और बाकी नामजद आरोपियों को छोड़ दिया। परिजनों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

Bokaro थाना प्रभारी का बयान: कानून के मुताबिक हो रही है कार्रवाई
इस पूरे मामले पर चास मुफस्सिल थाना प्रभारी प्रकाश मंडल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी (दामाद) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस दबाव में नहीं बल्कि कानून के दायरे में रहकर काम कर रही है। मामले का अनुसंधान (Investigation) जारी है और साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।





