ब्रह्माकुमारी संस्था ने विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर दिया मानव सेवा का संदेश
कोरबा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में रविवार को संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 18वीं पुण्यतिथि पर गेरवाघाट स्थित आध्यात्मिक ऊर्जा पार्क में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व बंधुत्व दिवस भी मनाया गया।
गणमान्य अतिथि रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएचएमओ कोरबा डॉ. एस.एन. केसरी उपस्थित रहे। उनके साथ पर्यावरण अधिकारी परमेन्द्र पाण्डेय, पार्षद नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी, राम सिंह अग्रवाल सहित कई सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख भी शामिल हुए।
“रक्तदान सबसे बड़ा धर्म”
अपने संबोधन में डॉ. केसरी ने कहा – “रक्तदान सबसे बड़ा मानव धर्म है। इस तरह के अभियानों से समाज में निःस्वार्थ सेवा और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा मिलता है।”
पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि रक्तदान वास्तव में मानवता की सबसे ऊँची मिसाल है। उन्होंने कहा – “जब हम किसी अज्ञात व्यक्ति को रक्तदान करते हैं तो यह निःस्वार्थ सेवा का सर्वोच्च उदाहरण बन जाता है। मैं इस आयोजन के लिए ब्रह्माकुमारी संस्था को हृदय से बधाई देता हूँ।”
दादी प्रकाशमणि को श्रद्धांजलि
बी.के. रुक्मणि ने कहा कि दादी प्रकाशमणि का संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा और विश्व बंधुत्व की स्थापना के लिए समर्पित रहा। उनकी पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर आयोजित कर संस्था ने उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।
युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी
रक्तदान शिविर में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। समाज के गणमान्य नागरिक भी इस अभियान का हिस्सा बने। सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और कार्यक्रम के अंत में सबने ब्रह्मा भोजन स्वीकार किया।
संस्था का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर रेडक्रॉस सोसाइटी की टीम ने ब्रह्माकुमारी संस्था को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।