Mohit Jain
दिल्ली में सोमवार शाम हुए धमाके में 13 लोगों की मौत के बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ। पुलवामा का रहने वाला डॉक्टर उमर मोहम्मद इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था और धमाके में वह खुद भी मारा गया। एजेंसियों ने पाया कि उमर जैश-ए-मोहम्मद के एक सक्रिय मॉड्यूल से जुड़ा था और यह हमला लंबे वक्त से प्लान किया जा रहा था।

जांच एजेंसियों की कार्रवाई उमर का घर तोड़ा गया, परिवार से पूछताछ
धमाके के बाद देशभर में छापेमारी की गई। इसी कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पुलवामा में स्थित आतंकी उमर का घर भी ध्वस्त कर दिया। उमर के भाई और मां को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में मां ने माना कि वह जानती थी कि उमर कट्टरपंथ की तरफ बढ़ गया था और कई दिनों तक उससे बात नहीं होती थी। धमाके से पहले भी उसने परिवार को कॉल न करने के लिए कहा था, लेकिन घरवालों ने इसकी जानकारी पुलिस को पहले नहीं दी।
दो साल से रची जा रही थी ब्लास्ट की साजिश
जांच में पता चला कि उमर की टीम पिछले दो सालों से इस धमाके की योजना बना रही थी। रेड फोर्ट के पास हुए ब्लास्ट के बाद गिरफ्तारियां हुईं तो खुलासा हुआ कि उमर के मॉड्यूल से जुड़े लोगों के पास से 2900 किलो विस्फोटक बरामद किया गया था। डॉक्टर होने के बावजूद उमर लंबे समय से आतंकी गतिविधियों में शामिल था।
उमर के नेटवर्क की तहकीकात जारी
जांच एजेंसियां उमर के साथियों से पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका अगला निशाना कौन था और नेटवर्क कितना व्यापक है। एजेंसियों का फोकस मॉड्यूल के बाकी सदस्यों की तलाश और उनकी योजनाओं का पूरा खुलासा करने पर है, ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।





