BY: Yoganand Shrivastva
Bhopal: रविवार को ब्राह्मण समाज के लोगों ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी और वॉटर कैनन का सहारा लेना पड़ा।
क्रमवार पूरा घटनाक्रम
- ब्राह्मण समाज के सदस्य सुबह भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर एकत्र हुए और नारेबाजी शुरू की।
- प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़े।
- पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
- प्रदर्शनकारी पुलिस घेराबंदी तोड़ते हुए बाणगंगा चौराहे तक पहुंच गए और आगे बढ़ने पर अड़े रहे।
- स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन चलानी पड़ी।
- झड़प के दौरान कई बुजुर्ग और महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार दिया।
- तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और प्रदर्शनकारियों को गाड़ियों में बैठाकर रातीबड़ ले जाया गया, जहां उन्हें तितर-बितर कर प्रदर्शन शांत कराया गया।
कार्रवाई की मांग का कारण
- प्रदर्शनकारी आईएएस संतोष वर्मा की तत्काल गिरफ्तारी और सेवा से बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं।
- संतोष वर्मा पर ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है, जिससे समाज में नाराजगी फैली।
सरकार का रुख और प्रस्ताव
- राज्य सरकार ने संतोष वर्मा की बर्खास्तगी से जुड़ा प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है।
- यह प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 12 दिसंबर को भेजा गया था, जिस पर अपर सचिव फरहीन खान के हस्ताक्षर हैं।
- प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि प्रस्ताव में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सरकार बर्खास्तगी चाहती है या केवल पदोन्नति रद्द करना चाहती है।
- पूर्व मुख्य सचिव शरद चंद्र बेहार के अनुसार, प्रस्ताव में ठोस कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने से केंद्र सरकार इसे वापस भी कर सकती है।
ब्राह्मण समाज के इस प्रदर्शन ने भोपाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुनौती दी। अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं कि संतोष वर्मा के मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।





