BY: Yoganand Shrivastva
Bhopal news: भोपाल में मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन, भोपाल जिला इकाई के तत्वावधान में शायर इंद्रपाल सिंह ‘तन्हा’ के ग़ज़ल संग्रह ‘ठहरा हुआ वक़्त’ के लोकार्पण एवं चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं संस्कृतिकर्मी रामप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि साहित्य केवल सौंदर्यबोध तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज की चेतना और संवेदनाओं को स्वर देता है।
उन्होंने कहा कि ‘ठहरा हुआ वक़्त’ हमारे समय की वास्तविक परिस्थितियों को सामने रखने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस संग्रह की ग़ज़लें केवल काव्यात्मक अभिव्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे प्रतिरोध की भाषा भी बनती हैं। श्री त्रिपाठी के अनुसार तन्हा की ग़ज़लें शोर नहीं मचातीं, बल्कि पाठक के मन में गहराई तक उतरती हैं।
कृति पर चर्चा करते हुए शायर बद्र वास्ती और अपर्णा पात्रीकर ने इस संग्रह को दुष्यंत कुमार की परंपरा का विस्तार बताया। उन्होंने कहा कि इंद्रपाल सिंह तन्हा ने समकालीन व्यवस्था और सामाजिक यथार्थ पर निर्भीकता के साथ अपनी बात रखी है।
कार्यक्रम की रूपरेखा इकाई अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता ने प्रस्तुत की और स्वागत संबोधन दिया। अंत में इकाई सचिव महेश दुबे ‘मनुज’ ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शायर इंद्रपाल सिंह तन्हा ने अपने ग़ज़ल संग्रह से चयनित रचनाओं का पाठ भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ साहित्यकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।





