BY: Yoganand Shrivastava
Bhopal news: भोपाल में नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। फैसले से कांग्रेस नेतृत्व को राहत मिलने के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी कार्यालय के घेराव के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया।
पुलिस की बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने पहले बैरिकेडिंग की। जब कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ने लगे, तो हालात काबू में रखने के लिए वॉटर कैनन का सहारा लिया गया। तेज पानी के दबाव से कई कार्यकर्ता गिर पड़े, जिससे कुछ को मामूली चोटें भी आईं।
नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित अन्य नेताओं की पुलिस अधिकारियों से बहस हुई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और बसों में बैठाकर ले जाया गया।
बस का घेराव और बढ़ा तनाव
कार्यकर्ताओं को ले जाते समय पटवारी के इशारे पर कुछ कांग्रेसियों ने पुलिस की बस को घेर लिया, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। हालांकि बाद में पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया।

अदालत के फैसले से मिली कांग्रेस को राहत
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट का कहना था कि बिना वैध एफआईआर के धनशोधन के आरोपों पर कार्रवाई नहीं की जा सकती, इसलिए चार्जशीट को कानूनी आधार नहीं मिला।
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला
यह विवाद वर्ष 2012 से चला आ रहा है, जब एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड से जुड़े ऋण और संपत्तियों के हस्तांतरण को लेकर सवाल उठे थे। इस मामले में ईडी ने जांच शुरू की थी, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल थे।





