भिंड, 13 अप्रैल 2025: मध्य प्रदेश के भिंड में संत समाज लगातार चौथे दिन सिक्सलेन हाइवे के निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। संतों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई, तो सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं होगा।
हनुमान जयंती पर आरती के साथ शुरुआत
आंदोलन के तीसरे दिन, संत समाज ने खंडा रोड पर हनुमान जी की आरती कर उनका जन्मोत्सव मनाया। समाजसेवियों और पूर्व सैनिकों ने भी हनुमान जी से प्रार्थना की कि सरकार को सही निर्णय लेने की प्रेरणा मिले।
संतों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
भिंड के संत रंजीतानंद महाराज ने सरकार को ललकारते हुए कहा, “अगर संतों की बात नहीं सुनी गई, तो सरकार का सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार के कामों से वे हमेशा संतुष्ट रहे हैं, लेकिन इस बार सरकार ने जनहित के मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्रियों ने घोषणाएं तो कीं, लेकिन वादे पूरे नहीं किए।
सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता
संतों ने बताया कि यह हाइवे प्रदेश का सबसे खतरनाक रास्ता है, जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं और कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की।
“अब आश्वासन नहीं, लिखित प्रमाण चाहिए”
चिलोंगा धाम के महंत हरिनिवास महाराज ने कहा कि संत आमतौर पर आंदोलन नहीं करते, लेकिन जब जनहित की बात आती है, तो वे मैदान में उतरते हैं। उन्होंने कहा, “सरकार को अब सिर्फ आश्वासन देकर बात नहीं बनानी चाहिए। हम तभी आंदोलन खत्म करेंगे, जब हाइवे निर्माण का लिखित आदेश मिलेगा।”
कवि सम्मेलन के जरिए मांग को दोहराया
शाम को आंदोलन स्थल पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जहां कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हाइवे पर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील की।
इस आंदोलन में कई स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने भाग लिया, जो सरकार पर दबाव बनाने के लिए संकल्पित हैं। अब देखना यह है कि सरकार संत समाज की इस मांग पर क्या कदम उठाती है।
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